नई दिल्ली: मौसम में बदलाव के लिहाज से अप्रैल का महीना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी महीने में भीषण गर्मी का दौर शुरू होता है। इस साल भी ऐसा ही देखने को मिल रहा है। लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं; मई और जून में पड़ने वाली गर्मी ने पहले ही लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है।
मुख्य बातें
🔥 लू की चेतावनी वाले क्षेत्र
सक्रिय लू की चेतावनी वाले राज्य:
🟠 राजस्थान
🟠 पूर्वी मध्य प्रदेश
🟠 विदर्भ (महाराष्ट्र)
🟠 ओडिशा
🟠 तेलंगाना
2 मई तक इन राज्यों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है:
तमिलनाडु
सौराष्ट्र और कच्छ (गुजरात)
इन राज्यों के कुछ हिस्सों में रातें गर्म रहने की संभावना है:
उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश
अगले तीन से चार दिनों में मौसम के मिजाज में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है, जिससे कई राज्यों में तूफान और आंधी आने की आशंका बढ़ जाएगी। इसके अलावा, अल नीनो की वजह से भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर पड़ सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने विभिन्न राज्यों में बारिश की संभावना जताई है।
मौसम का पूर्वानुमान जानें
आईएमडी के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक पूरे देश में मानसून से पहले की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। परिणामस्वरूप, प्रशांत महासागर में तापमान सामान्य स्तर से थोड़ा ऊपर बना हुआ है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि भीषण गर्मी के बाद अचानक बारिश और तूफान क्यों आ रहे हैं। इसके अलावा, इस प्रभाव से दक्षिण-पश्चिम मानसून के कमजोर होने की आशंका है।
पूर्व-मानसून चरण कितने समय तक चलेगा?
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत में मानसून से पहले की अवस्था आमतौर पर मार्च से जून के बीच होती है। इस दौरान, ‘हीट डोम’ जैसी स्थितियाँ बनने की संभावना है। हालांकि, रुक-रुक कर होने वाली बारिश से कुछ राहत मिलने की भी उम्मीद है। वर्तमान पूर्वानुमानों के अनुसार, मानसून से पहले की अवस्था मई के अंत तक पूरी तरह सक्रिय हो जाएगी। संकेत मिल रहे हैं कि मानसून 18 से 20 मई के बीच अंडमान सागर में पहुँच जाएगा।
हीटवे की संभावना
मौसम विभाग ने राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा और तेलंगाना में लू चलने की संभावना को लेकर चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, तमिलनाडु के कई हिस्सों के साथ-साथ सौराष्ट्र और कच्छ जैसे क्षेत्रों में 2 मई तक गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भी गर्म रातों के कारण लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के लिए भारी बारिश की चेतावनी
जलमार्ग प्रबंधन विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पूर्वोत्तर राज्यों असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड के लिए पांच दिनों की अवधि के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अतिरिक्त, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए गरज के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों के कई स्थानों पर तीव्र वर्षा हो सकती है। पूर्वी भारतीय राज्यों बिहार, झारखंड और ओडिशा में भी हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।