Benefits of Roasted Chickpeas: शरीर को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन से भरपूर आहार बेहद जरूरी होता है। अगर आप प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए महंगे सप्लीमेंट्स पर निर्भर हैं, तो अब अपनी डाइट में चना शामिल करने पर विचार कर सकते हैं। चना एक किफायती और पौष्टिक सुपरफूड है, जिसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई जरूरी विटामिन व मिनरल्स पाए जाते हैं। यही वजह है कि आयुर्वेद में भी इसे बेहद लाभकारी खाद्य पदार्थ माना गया है।
अलग-अलग तरीकों से चना खाने के अलग फायदे
आयुर्वेद के अनुसार चना कई रूपों में खाया जा सकता है, जैसे भुना हुआ चना, भीगा हुआ चना, उबला हुआ चना और सत्तू। हर तरीके से इसका सेवन शरीर को अलग-अलग लाभ पहुंचाता है। सही समय और सही मात्रा में चना खाने से स्वास्थ्य को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं।
भुना चना क्यों है सेहत के लिए फायदेमंद?
भुना हुआ चना कम कैलोरी और अधिक फाइबर वाला स्नैक माना जाता है। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती और वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। नियमित रूप से भुना चना खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित रखने, ब्लड शुगर मैनेज करने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसे सुबह या दोपहर के समय खाना अधिक लाभदायक माना जाता है।
भीगा और उबला चना देता है भरपूर एनर्जी
रातभर भिगोए गए काले चने को सुबह उबालकर खाना एक पौष्टिक विकल्प माना जाता है। यह शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करता है और मांसपेशियों के विकास में भी मददगार हो सकता है। जो लोग नियमित रूप से जिम जाते हैं या शारीरिक मेहनत ज्यादा करते हैं, उनके लिए उबला हुआ चना अच्छा प्रोटीन स्रोत है। अगर इसे थोड़े से देसी घी के साथ पकाया जाए तो इसका पाचन आसान हो जाता है और इसकी रूखी तासीर भी कम हो सकती है। इसे नाश्ते या शाम के हेल्दी स्नैक के रूप में खाया जा सकता है।
सत्तू भी है पोषण का बेहतरीन स्रोत
चना से तैयार किया जाने वाला सत्तू गर्मियों में खास तौर पर फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को प्रोटीन देने के साथ ठंडक भी पहुंचाता है। सत्तू का सेवन करने से थकान कम महसूस हो सकती है और शरीर में ताजगी बनी रहती है। आयुर्वेद में इसे आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना गया है। गर्म मौसम में सत्तू, भुना चना और उबला चना तीनों ही संतुलित आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।
इन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
हालांकि चना पोषण से भरपूर है, लेकिन जिन लोगों को वात संबंधी समस्याएं अधिक रहती हैं, उन्हें इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। यदि किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या है या पाचन संबंधी परेशानी रहती है, तो चना नियमित रूप से खाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।