Gold-Silver Price: सोने और चांदी के बाजार में एक बार फिर तेजी का दौर देखने को मिल रहा है। हालिया करेक्शन के बाद बुलियन मार्केट में खरीदारी बढ़ी है, जिसका असर दोनों कीमती धातुओं की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। खास बात यह है कि इस बार चांदी ने सोने की तुलना में ज्यादा तेज रफ्तार पकड़ी है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बीते एक सप्ताह में सोने की कीमत में करीब 7 फीसदी, जबकि चांदी में लगभग 11 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं, पिछले एक महीने में सोना करीब 9 फीसदी और चांदी लगभग 12 फीसदी मजबूत हुई है। कीमतों में इस तेजी के बीच निवेशकों की नजर अब दिवाली और त्योहारी सीजन तक सोने-चांदी के संभावित भाव पर टिकी हुई है।
सोने और चांदी के भाव क्यों बढ़ रहे हैं?
कीमती धातुओं में आई तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़े कई महत्वपूर्ण कारण हैं। इनमें सबसे प्रमुख अमेरिका से सामने आए रोजगार से जुड़े आंकड़े (Jobs Data) हैं। अमेरिकी जॉब मार्केट में कमजोरी के संकेत मिलने से वहां ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में बदलाव आया है।
कुछ समय पहले सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना करीब 70 फीसदी आंकी जा रही थी। अब यह अनुमान घटकर लगभग 35 फीसदी रह गया है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कम होने को आमतौर पर सोने और चांदी के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कम ब्याज दरों की उम्मीद में निवेशकों का रुझान ऐसे एसेट्स की ओर बढ़ सकता है, जिन्हें आर्थिक अनिश्चितता के दौरान सुरक्षित निवेश माना जाता है। सोना इसी वजह से Safe Haven Asset के तौर पर निवेशकों को आकर्षित करता है।
डॉलर की कमजोरी से भी मिला सपोर्ट
सोने और चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर Dollar Index का भी महत्वपूर्ण असर पड़ता है। हाल के दिनों में डॉलर इंडेक्स में कमजोरी देखी गई है।
जब अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में कीमत तय होने वाली सोने जैसी कमोडिटीज को सपोर्ट मिल सकता है। यही कारण है कि डॉलर की नरमी को भी मौजूदा तेजी के पीछे एक अहम फैक्टर माना जा रहा है।
4,000 डॉलर का स्तर बना अहम सपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने ने करीब 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर के ऊपर अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है। बाजार में इस स्तर को महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है।
इस सपोर्ट के बाद सोने की कीमत में तेजी आई और यह करीब 4,300 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। अब निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की नजर आगे के संभावित स्तरों पर है।
दिवाली तक सोने का भाव कितना बढ़ सकता है?
त्योहारी सीजन और दिवाली नजदीक आने के साथ सबसे बड़ा सवाल यही है कि आने वाले महीनों में सोना कहां तक पहुंच सकता है।
दिए गए बाजार अनुमानों के मुताबिक, इस साल के अंत या दिवाली के आसपास सोने की कीमत में करीब 10 से 15 फीसदी तक अतिरिक्त तेजी संभव है। हालांकि, यह केवल बाजार का अनुमान है। इसे किसी निश्चित कीमत या गारंटीड रिटर्न के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
आगे सोने की दिशा कई वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। इनमें अमेरिकी ब्याज दरों का फैसला, डॉलर इंडेक्स की चाल, दुनियाभर में भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की खरीद और निवेशकों की मांग प्रमुख हैं।
चांदी की रफ्तार सोने से तेज क्यों?
मौजूदा तेजी में चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ दिया है। आंकड़ों के अनुसार, एक सप्ताह में चांदी करीब 11 फीसदी, जबकि एक महीने में लगभग 12 फीसदी ऊपर जा चुकी है।
चांदी की खासियत यह है कि इसकी कीमत केवल निवेश मांग से प्रभावित नहीं होती। इसका इस्तेमाल कई औद्योगिक क्षेत्रों में भी होता है। इसलिए Industrial Demand बढ़ने पर चांदी की कीमतों को अतिरिक्त सपोर्ट मिल सकता है।
इसके अलावा भारतीय बाजार में आयात की स्थिति, उपलब्धता और स्थानीय मांग जैसे फैक्टर्स भी चांदी के भाव को प्रभावित कर सकते हैं। इसी वजह से घरेलू बाजार में चांदी कभी-कभी अंतरराष्ट्रीय कीमत की तुलना में प्रीमियम पर कारोबार करती है।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 64 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर थी, जबकि भारतीय बाजार में यह लगभग 66 डॉलर के आसपास कारोबार कर रही थी। यानी करीब 2 से 2.5 डॉलर का प्रीमियम देखने को मिला।
सोना-चांदी खरीदने से पहले निवेशक क्या ध्यान रखें?
सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेजी देखकर निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए। किसी भी एसेट की कीमत लगातार एक दिशा में नहीं बढ़ती और तेज तेजी के बाद बाजार में करेक्शन भी देखने को मिल सकता है।
अगर आप दिवाली के लिए सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी जरूरत, बजट और निवेश के उद्देश्य को ध्यान में रखकर फैसला लेना बेहतर है। बाजार में बताए जा रहे 10-15 फीसदी तेजी के अनुमान को केवल संभावित संभावना के तौर पर देखें, न कि निश्चित रिटर्न की गारंटी के रूप में।
नोट: सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, ब्याज दरों, मांग और अन्य आर्थिक परिस्थितियों के कारण लगातार बदल सकती हैं। निवेश से पहले उपलब्ध जानकारी और अपनी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।