कमजोरी दूर करने के लिए कलेजी खाना कितना फायदेमंद? खाने से पहले जान लें जरूरी बातें

Saroj kanwar
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बचपन से ही हममें से कई लोगों ने यह बात सुनी है कि कलेजी खाने से शरीर में खून बढ़ता है और कमजोरी दूर होती है। खासकर खून की कमी या कमजोरी से जूझ रहे लोगों को बकरी या चिकन की कलेजी खाने की सलाह दी जाती रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई कलेजी शरीर में खून बढ़ाने में मदद करती है? और क्या जानवर की कलेजी खाने से इंसानी लिवर भी मजबूत होता है?

कलेजी में होते हैं कई जरूरी पोषक तत्व

बीबीसी उर्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, हेल्थ एक्सपर्ट्स कलेजी को पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ मानते हैं। इसमें आयरन, प्रोटीन और कई महत्वपूर्ण विटामिन अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं।

कलेजी में मौजूद एक प्रकार का आयरन शरीर आसानी से अवशोषित कर लेता है। यही वजह है कि इसे डाइट में शामिल करने से आयरन की कमी से होने वाली कमजोरी को कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसे किसी बीमारी के इलाज के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

रेड ब्लड सेल्स से लेकर इम्युनिटी तक में मददगार

कलेजी में मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए कई तरह से उपयोगी होते हैं। इसमें पाया जाने वाला विटामिन रेड ब्लड सेल्स के निर्माण के साथ-साथ दिमागी विकास और याददाश्त के लिए भी जरूरी माना जाता है।

इसके अलावा, कलेजी अच्छी गुणवत्ता वाले प्रोटीन का भी स्रोत है। प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और बीमारी के बाद शरीर को रिकवर करने में मदद करता है।

कलेजी में मौजूद एक अन्य महत्वपूर्ण विटामिन इम्यून सिस्टम को सामान्य रूप से काम करने में मदद करता है। यह आंखों, त्वचा और शरीर की अंदरूनी झिल्लियों के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

ज्यादा कलेजी खाना भी हो सकता है नुकसानदायक

कलेजी भले ही पोषक तत्वों से भरपूर हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसे ज्यादा मात्रा में खाया जाए। इसमें कुछ विटामिन बहुत अधिक मात्रा में मौजूद होते हैं और जरूरत से ज्यादा सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

खासकर गर्भवती महिलाओं को कलेजी का सेवन सीमित रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इसमें मौजूद विटामिन A की अधिक मात्रा गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए गर्भावस्था में इसे खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

बच्चों को भी दें सीमित मात्रा में

बच्चों की डाइट में भी कलेजी को संतुलित मात्रा में ही शामिल करना चाहिए। कम उम्र के बच्चों को बहुत ज्यादा कलेजी खिलाने से बचना चाहिए।

इसे बहुत ज्यादा तेल में तलने के बजाय कम तेल और हल्के मसालों के साथ पकाना बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे खाने की पौष्टिकता बनाए रखने में मदद मिलती है। वहीं, जिन लोगों को कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी समस्या है, उन्हें भी इसके सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए।

क्या कलेजी खाने से इंसानी लिवर मजबूत होता है?

यहां एक गलतफहमी दूर करना जरूरी है। जानवरों की कलेजी खाने से इंसानी लिवर की बीमारी ठीक होती है या लिवर अपने आप मजबूत हो जाता है—इस दावे का कोई ठोस वैज्ञानिक आधार नहीं है।

कलेजी एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ हो सकती है, लेकिन इसे लिवर की बीमारी का इलाज नहीं माना जा सकता। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद जैसी आदतें ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित सामान्य जानकारी देता है। इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का विकल्प न समझें। यदि आपको खून की कमी, लिवर या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की शिकायत है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लें।

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