आंखों की धुंधली रोशनी को न करें नजरअंदाज, इन गंभीर समस्याओं का हो सकता है संकेत

Saroj kanwar
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कभी-कभी लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन देखने के बाद आंखों के सामने धुंधलापन महसूस होना आम बात है। आंखों पर ज्यादा दबाव पड़ने से कुछ समय के लिए नजर कमजोर लग सकती है। लेकिन अगर धुंधली दृष्टि (Blurred Vision) बार-बार होने लगे, अचानक दिखाई देना शुरू हो जाए या इसके साथ सिरदर्द, चक्कर, आंखों में दर्द या देखने में परेशानी जैसी समस्याएं भी जुड़ जाएं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

विशेषज्ञों के अनुसार, आंखों की रोशनी में बदलाव कई सामान्य कारणों जैसे बढ़ती उम्र, आंखों की थकान या गलत पावर वाले चश्मे की वजह से भी हो सकता है। वहीं कुछ मामलों में यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, ग्लूकोमा और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का शुरुआती संकेत भी हो सकता है। इसलिए समय रहते जांच करवाना और सही इलाज लेना बेहद जरूरी है।

यशोदा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट जनरल मेडिसिन डॉ. विघ्नेश वाई के मुताबिक, आंखों में होने वाले किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि कई बार आंखों की समस्या शरीर के अंदर चल रही किसी बड़ी बीमारी की जानकारी दे सकती है।

आंखों के सामने धुंधलापन क्यों दिखाई देता है?

जब आंखें किसी चीज पर ठीक तरह से फोकस नहीं कर पातीं या आंख के किसी हिस्से में परेशानी होती है, तब चीजें साफ दिखाई नहीं देतीं और धुंधलापन महसूस होने लगता है। यह समस्या एक आंख या दोनों आंखों में हो सकती है।

कई लोगों में यह परेशानी कुछ मिनटों के लिए रहती है, जबकि कुछ मामलों में यह लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसके पीछे साधारण थकान से लेकर आंखों और शरीर से जुड़ी गंभीर बीमारियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं।

धुंधली नजर किन बीमारियों का संकेत हो सकती है?

1. डायबिटीज से जुड़ी समस्या

ब्लड शुगर का स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहने से आंखों की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंच सकता है। इसकी वजह से डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी समस्या हो सकती है।

इस स्थिति में आंखों के सामने धुंधलापन, काले धब्बे दिखाई देना या धीरे-धीरे नजर कमजोर होना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। डायबिटीज के मरीजों को समय-समय पर आंखों की जांच करवानी चाहिए।

2. हाई ब्लड प्रेशर का असर

लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर आंखों की नसों और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकता है। इस स्थिति को हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी कहा जाता है।

इसमें धुंधला दिखाई देने के अलावा सिरदर्द और गंभीर मामलों में देखने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है। अगर ऐसे लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

3. मोतियाबिंद भी हो सकता है कारण

मोतियाबिंद में आंख का प्राकृतिक लेंस धीरे-धीरे धुंधला होने लगता है। शुरुआत में व्यक्ति को हल्का धुंधलापन महसूस हो सकता है, लेकिन समय के साथ पढ़ने, रात में देखने और ड्राइविंग करने में परेशानी बढ़ सकती है।

अगर नजर लगातार कमजोर महसूस हो रही है, तो आंखों के विशेषज्ञ से जांच करवाना बेहतर रहता है।

4. ग्लूकोमा का संकेत

ग्लूकोमा आंखों की एक गंभीर बीमारी है, जिसमें आंख के अंदर दबाव बढ़ने से ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंच सकता है। अगर इसका समय पर इलाज न किया जाए, तो नजर को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।

अचानक धुंधला दिखाई देना, आंखों में तेज दर्द, सिरदर्द और रोशनी के चारों ओर रंगीन घेरे नजर आना ग्लूकोमा के संभावित संकेत हो सकते हैं।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर आंखों के सामने धुंधलापन कभी-कभार थकान की वजह से होता है तो आराम करने से राहत मिल सकती है। लेकिन अगर यह समस्या बार-बार हो रही है, अचानक शुरू हुई है या इसके साथ आंखों में दर्द, तेज सिरदर्द, चक्कर या देखने में ज्यादा परेशानी हो रही है, तो तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

Disclaimer:

आंखों के सामने धुंधलापन हर बार गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। कई बार यह स्क्रीन टाइम बढ़ने, आंखों की थकान या चश्मे के गलत नंबर के कारण भी हो सकता है। हालांकि, कुछ मामलों में यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, ग्लूकोमा, मोतियाबिंद या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ा हो सकता है। इसलिए लंबे समय तक रहने वाली या बार-बार होने वाली इस समस्या को नजरअंदाज न करें और सही जांच के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

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