अमेरिका से आए कमजोर रोजगार आंकड़ों का असर अब वैश्विक कमोडिटी बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में कारोबार शुरू होते ही सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में मजबूती देखने को मिली।
MCX पर सोना-चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी
शुक्रवार सुबह कारोबार के दौरान सोने और चांदी के वायदा भाव में शानदार बढ़त देखने को मिली। सुबह करीब 11:40 बजे MCX पर 5 अगस्त डिलीवरी वाला गोल्ड फ्यूचर 1,900 रुपये यानी करीब 1.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,47,649 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। वहीं चांदी के वायदा भाव में भी अच्छी मजबूती दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का रुझान फिर से कीमती धातुओं की ओर बढ़ता दिखा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बढ़ी चमक
घरेलू बाजार की तरह ग्लोबल मार्केट में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 1.28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,178.47 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। वहीं चांदी में भी खरीदारी बढ़ने से उसके दाम ऊंचे स्तर पर कारोबार करते दिखाई दिए।
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
सोने और चांदी की कीमतों में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से जारी जून महीने का रोजगार (Jobs) डेटा माना जा रहा है। बाजार को उम्मीद थी कि रोजगार के आंकड़े मजबूत रहेंगे, लेकिन वास्तविक आंकड़े अनुमान से कमजोर रहे। इससे निवेशकों के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गईं।
डॉलर कमजोर होने से मिला सपोर्ट
कमजोर जॉब डेटा का असर अमेरिकी डॉलर पर भी पड़ा। जब डॉलर कमजोर होता है तो सोना और चांदी जैसी सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मानी जाने वाली संपत्तियों की मांग बढ़ जाती है। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों ने कीमती धातुओं में खरीदारी बढ़ाई, जिससे इनके दाम तेजी से ऊपर चले गए।
ब्याज दरों को लेकर बदली उम्मीदें
विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर रोजगार आंकड़ों के बाद अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी की संभावना पहले की तुलना में कम हो सकती है। ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद बनने पर आमतौर पर सोने की कीमतों को समर्थन मिलता है, क्योंकि कम ब्याज दरों के माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में गोल्ड और सिल्वर की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
अगर अमेरिकी आर्थिक आंकड़े आगे भी कमजोर रहते हैं और डॉलर पर दबाव बना रहता है, तो सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती जारी रह सकती है। हालांकि निवेशकों को वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और डॉलर इंडेक्स पर नजर बनाए रखनी चाहिए, क्योंकि यही कारक आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की दिशा तय करेंगे।