RBI का ड्राफ्ट नियम: लोन रिकवरी एजेंट्स की बदतमीजी पर लगेगी लगाम, धमकी देना होगा बैन

Saroj kanwar
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RBI के नए लोन रिकवरी नियम (ड्राफ्ट) – पूरी खबर

🔴 1. जबरदस्ती और बदसलूकी पर रोक

  • रिकवरी एजेंट अब किसी ग्राहक, गारंटर, रिश्तेदार या दोस्त को
    • धमकी नहीं दे सकेंगे
    • गाली-गलौज नहीं कर सकेंगे
    • मानसिक या शारीरिक रूप से परेशान नहीं कर सकेंगे
  • सोशल मीडिया पर रिकॉर्डिंग डालकर अपमानित करना भी गैरकानूनी माना जाएगा
  • ऐसे तरीकों को “Coercive/Harsh Practices” में रखा गया है

🪪 2. एजेंट्स का वेरिफिकेशन अनिवार्य

  • सभी रिकवरी एजेंट्स का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी होगा
  • आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग इस काम में नहीं रखे जाएंगे

🎓 3. ID और ट्रेनिंग जरूरी

  • एजेंट के पास IIBF (Indian Institute of Banking & Finance) का सर्टिफिकेट जरूरी
  • ग्राहक के घर आने पर:
    • ID कार्ड
    • बैंक/एजेंसी का ऑथराइजेशन लेटर
    • रिकवरी नोटिस की कॉपी दिखानी होगी
  • विज़िट से कम से कम 1 दिन पहले ग्राहक को सूचना देना जरूरी

⏰ 4. समय और परिस्थिति के नियम

  • कॉल केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक ही किए जा सकेंगे
  • शोक या शादी जैसे मौके पर वसूली के लिए संपर्क नहीं किया जा सकेगा

🏦 5. बैंकों की जिम्मेदारी तय

  • बैंक यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे कि एजेंट थर्ड पार्टी हैं
  • बैंक को एजेंट्स की हर हरकत के लिए जिम्मेदार माना जाएगा (Vicarious Liability)
  • बैंकों को अपनी सभी रिकवरी एजेंसियों की सूची वेबसाइट और ऐप पर सार्वजनिक करनी होगी

📅 लागू कब होंगे?

  • यह अभी ड्राफ्ट है
  • प्रस्ताव है कि इसे 1 अक्टूबर 2026 से लागू किया जा सकता है

✔️ निष्कर्ष

RBI का मकसद है कि लोन रिकवरी के नाम पर होने वाली धमकी, बदसलूकी और मानसिक प्रताड़ना पर पूरी तरह रोक लगे और प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी व मानवीय बने।

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