क्या आपका बच्चा भी हो गया है जिद्दी तो डांटने -मारने की बजाय अपनाये ये तरीका

Saroj kanwar
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एक शोध में यह पाया गया कि बच्चों को डांटने से या मारने से उनमे सुधार नहीं होता बल्कि वह और भी जिद्दी और गुस्सैल हो जाते हैं। यही नहीं कम उम्र में ही उनमें डिप्रेशन और नेगेटिव आने लगती है और वह कई गलत कदम उठाने लगते हैं। इस तरह अगर आप यह सोच रहे हैं कि आप अपने बच्चों की बदतमीजी को मारपीट कर या डांट डपटकर ठीक कर सकते हैं तो आपकी सोच गलत है।

यहां हम बात कर रहे बदतमीज और जिद्दी होते बच्चों में किस तरह से सुधार ला सकते हैं।

बच्चों को दे समय

यूनिसेफ की एक रिसर्च में पाया गया है कि अगर माता-पिता बच्चे के लिए समय नहीं निकाल पाते है या उनकी परेशानियों को सुनते नहीं है तो ऐसे में बच्चे अपने माता-पिता ने लोगों के साथ बदतमीजी करने लगते हैं और जिद्दी बन जाते हैं। इसलिए टीवी ,मोबाइल को बंद कर बच्चों के लिए पर्सनल समय निकाले।

अच्छी आदतों की करें तारीफ

बच्चों की आदतों को सुधारने है तो उनकी आदतों को रिकॉल करें और उसकी तारीफ करें। यह बेहतर होगा की यह तारीफ आप लोगों के सामने भी करें। इस तरह से अच्छा काम करने के लिए मोटिवेशन मिलेगा और बुरी आदतों को खुद छोड़ने लगेगा।

उन्हें गाइड करें

बच्चों को सही समय देखकर यह जरूर बताएं कि उनके लिए क्या करना अच्छा है और क्या बुरा। इस तरह वे सही दिशा को चुन पाएंगे और और हौसले के साथ उस दिशा में आगे कदम बढ़ा पाएंगे।

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