मंगलवार को भारतीय बाज़ारों में सोने (Gold) और चांदी (Silver) की कीमतों में लगातार दूसरे दिन मज़बूती देखने को मिली है। यह उछाल मुख्य रूप से वैश्विक बाज़ार से मिल रहे सकारात्मक संकेतों और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीदों के कारण आया है। सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में कीमती धातुओं की मांग बढ़ने से इनके भावों को दीर्घकालिक समर्थन मिल रहा है।
बाज़ार में सोने और चांदी के ताज़ा रेट (मंगलवार)
यहाँ मुंबई के बाज़ार में सोने और चांदी की कीमतों का विवरण दिया गया है (ये दरें GST और मेकिंग चार्जेज़ को छोड़कर हैं):
| धातु श्रेणी | कीमत (रुपये) | इकाई |
| सोना (२४ कैरेट) | १,२३,८३० | प्रति १० ग्राम |
| सोना (२२ कैरेट) | १,१३,५१० | प्रति १० ग्राम |
| चांदी (स्टैंडर्ड) | १,५७,१०० | प्रति किलोग्राम |
वायदा बाज़ार (MCX) की स्थिति
वायदा बाज़ार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी कीमती धातुओं में तेज़ी दर्ज की गई:
- सोना (५ दिसंबर वायदा): १,२५,१३५ रुपये प्रति १० ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जिसमें ०.९४% की वृद्धि हुई।
- चांदी (५ दिसंबर वायदा): १,५५,४५० रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी, जिसमें १.१६% का उछाल देखा गया।
विशेषज्ञ विश्लेषण: तेज़ी के कारण और भविष्य का अनुमान
बाज़ार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में इस तेज़ी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक काम कर रहे हैं:
१. वैश्विक कारण (Global Factors)
- अमेरिकी ब्याज दर: दिसंबर में फेडरल रिज़र्व की नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में संभावित कटौती की उम्मीदें बढ़ गई हैं। ब्याज दरें घटने से सोने की मांग बढ़ती है।
- डॉलर में कमज़ोरी: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में आई कमज़ोरी ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की ओर आकर्षित किया है।
- केन्द्रीय बैंकों की खरीदारी: जेपी मॉर्गन (JP Morgan) का अनुमान है कि विश्व के केंद्रीय बैंकों द्वारा जारी खरीदारी के चलते सोने की कीमतों को दीर्घकालिक समर्थन मिलता रहेगा।
२. चांदी में तेज़ी की संभावना
अनगौल सिल्वर के किशोर रूनवाल के अनुसार, चांदी में तेज़ी की प्रबल संभावना बनी हुई है:
- लक्ष्य स्तर: उनका मानना है कि चांदी जल्द ही १.६३ लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर छू सकती है।
- दीर्घकालिक अनुमान: मार्च २०२६ के आसपास चांदी का भौतिक बाज़ार में भाव १.७५ लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुँच सकता है। औद्योगिक मांग में वृद्धि और वैश्विक अनिश्चितता इस तेज़ी के प्रमुख कारक होंगे।
३. घरेलू मांग
दीवाली के बाद बाज़ार में खरीदारी में अस्थायी गिरावट आई थी, लेकिन विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि शादी के सीजन की शुरुआत के साथ ही कीमतों में खरीदारी फिर से रफ़्तार पकड़ेगी।
निवेश के लिए सुझाव
वर्तमान बाज़ार परिदृश्य में, निवेशकों को सतर्कता बनाए रखने की आवश्यकता है।
- शॉर्ट टर्म: कम समय के लिए बाज़ार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
- लॉन्ग टर्म: दीर्घकालिक (Long Term) दृष्टिकोण से, कीमती धातुएं एक आकर्षक निवेश विकल्प बनी हुई हैं, खासकर वैश्विक अनिश्चितता के दौर में।
निवेशकों को फेड की नीति, डॉलर की चाल और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए।