नई दिल्ली: कारोबारी सप्ताह के पहले दिन सोमवार (29 जून) को सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर कमजोरी देखने को मिली। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू वायदा बाजार तक दोनों कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव बना रहा। हालांकि, दिन के अंत तक घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में शानदार रिकवरी भी देखने को मिली, जबकि चांदी अपेक्षाकृत कमजोर बनी रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी पर दबाव
वैश्विक कमोडिटी बाजार कॉमेक्स (COMEX) पर शुरुआती कारोबार में सोना करीब 0.36 फीसदी फिसलकर 4,081 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। वहीं चांदी में इससे भी ज्यादा कमजोरी देखने को मिली और इसकी कीमत 1.15 फीसदी से अधिक गिरकर करीब 58 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।
शाम करीब 7 बजे तक बिकवाली का दबाव और बढ़ गया। उस समय सोना लगभग 34 डॉलर टूटकर 4,062 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया, जबकि चांदी भी करीब 1 फीसदी की गिरावट के साथ 58 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बनी रही।
MCX पर भी फिसला सोना और चांदी
घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना कमजोर शुरुआत के साथ खुला। खबर लिखे जाने तक इसका भाव 630 रुपये टूटकर 1,43,532 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। दिन के दौरान सोने ने 1,44,180 रुपये का उच्च स्तर और 1,43,454 रुपये का निचला स्तर छुआ। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव 1,44,162 रुपये था।
दूसरी ओर, चांदी की कीमत भी शुरुआती कारोबार में 440 रुपये की गिरावट के साथ 2,23,912 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुली। बाद में यह करीब 2,23,055 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई। इस दौरान इसका उच्च स्तर 2,24,248 रुपये और निचला स्तर 2,22,641 रुपये रहा। पिछला बंद भाव 2,23,472 रुपये प्रति किलोग्राम था।
शाम तक MCX में कैसी रही चाल?
शाम 7 बजे तक MCX पर सोने की कीमत में गिरावट और बढ़ गई तथा यह करीब 1,262 रुपये टूटकर 1,42,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। हालांकि चांदी में दिन के निचले स्तर से कुछ रिकवरी देखने को मिली और यह केवल 92 रुपये की मामूली गिरावट के साथ करीब 2,23,380 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी।
सर्राफा बाजार में सोने ने की जोरदार वापसी
वायदा बाजार की कमजोरी के विपरीत, राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में मजबूत सुधार दर्ज किया गया। कारोबारियों की ओर से निचले स्तरों पर खरीदारी बढ़ने से 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,300 रुपये महंगा होकर 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पहुंच गया। इससे पिछले तीन कारोबारी दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। इससे पहले इसका बंद भाव 1,45,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
आखिर क्यों लगातार गिर रहे हैं सोना-चांदी?
सेबी रजिस्टर्ड मार्केट एवं कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, मौजूदा गिरावट के पीछे केवल भू-राजनीतिक तनाव जिम्मेदार नहीं है। अमेरिका-ईरान तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे घटनाक्रम जारी रहने के बावजूद निवेशकों का फोकस फिलहाल अमेरिकी अर्थव्यवस्था, ब्याज दरों और डॉलर की चाल पर है।
उनका कहना है कि इस सप्ताह अमेरिका से रोजगार, महंगाई और अन्य प्रमुख आर्थिक आंकड़े जारी होने हैं। यदि इन आंकड़ों के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व सख्त रुख अपनाता है या भविष्य में ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने के संकेत देता है, तो सोने और चांदी पर दबाव और बढ़ सकता है।
क्या भारतीयों की रिकॉर्ड गोल्ड सेलिंग भी वजह है?
अनुज गुप्ता ने बताया कि हाल की रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में भारतीय परिवारों ने लगभग 50 टन पुराना सोना बाजार में बेचा है। इसे FOMO Selling (Fear of Missing Out Selling) कहा जा सकता है, जहां निवेशक ऊंची कीमतों का फायदा उठाने के लिए तेजी से सोना बेच रहे हैं।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल भारतीयों की रिकॉर्ड बिक्री को गिरावट की मुख्य वजह नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, यह एक सहायक कारक जरूर है, लेकिन सोने की दिशा तय करने में अमेरिकी फेड की मौद्रिक नीति, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम की भूमिका कहीं अधिक महत्वपूर्ण रहेगी।
क्या अभी खरीदारी का मौका है?
विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में सोना और चांदी की चाल पूरी तरह अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के संकेतों पर निर्भर करेगी। यदि डॉलर मजबूत रहता है और ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत मिलते हैं, तो दोनों कीमती धातुओं में आगे भी उतार-चढ़ाव और दबाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी करने के बजाय बाजार की अगली दिशा स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहिए।