जून महीने के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। रोजाना सर्राफा बाजार में इन दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे आ रहे हैं, जिससे ये अपने हाल के रिकॉर्ड हाई से काफी पीछे चले गए हैं।
मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार, पूरे जून महीने में गोल्ड और सिल्वर दोनों ही दबाव में रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की बदलती रणनीति के कारण लगातार बिकवाली का माहौल बना हुआ है।
सोने और चांदी में कितनी गिरावट?
जून महीने में अब तक सोने की कीमतों में करीब 12.5% तक की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी की कीमतों में लगभग 20% तक की बड़ी गिरावट देखी गई है। कुछ ही दिनों में दोनों धातुएं हजारों रुपये तक सस्ती हो चुकी हैं, जिससे बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार गिरती कीमतों ने निवेशकों को चौंका दिया है, खासकर उन लोगों को जिन्होंने हाल ही में ऊंचे स्तर पर निवेश किया था। अब कई लोग इस गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में भी देख रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, ब्याज दरों में संभावित बदलाव और आर्थिक आंकड़ों के कारण गोल्ड-सिल्वर की कीमतों पर असर पड़ रहा है।
डॉलर मजबूत होने से भी सोने की मांग पर असर पड़ा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना डॉलर में ही ट्रेड होता है।
आगे क्या रहेगा रुझान?
बाजार जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी सोने-चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर वैश्विक संकेत कमजोर रहते हैं, तो कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है, हालांकि लंबी अवधि में रिकवरी की संभावना भी बनी हुई है।
फिलहाल, निवेशक और ट्रेडर दोनों ही बाजार की अगली दिशा पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह गिरावट बाजार में एक बड़ा बदलाव संकेत कर रही है।