अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते तनाव का असर अब सोने और चांदी की कीमतों पर साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। इसका सीधा प्रभाव सोने की कीमतों पर पड़ा है और निवेशकों की चिंता भी बढ़ गई है।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ी चिंता
मंगलवार को एशियाई बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की बढ़ती कीमतें दुनियाभर में महंगाई को बढ़ावा दे सकती हैं। आमतौर पर सोना महंगाई के खिलाफ सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन जब केंद्रीय बैंक ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रखते हैं, तब सोने पर दबाव बढ़ जाता है।
बाजार को अब उम्मीद है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस साल के अंत तक ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी कर सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दिसंबर तक रेट बढ़ने की संभावना 54 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का हाल
वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत में गिरावट देखने को मिली है। सोना 0.6 प्रतिशत टूटकर 4,544.33 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई और यह 4,545.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया।
यूएस कॉमेक्स बाजार में भी सोने की कीमत 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,538.10 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। दूसरी ओर चांदी की कीमतों में कमजोरी दिखाई दी और स्पॉट सिल्वर 0.8 प्रतिशत गिरकर 77.42 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
इसके अलावा प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं में भी गिरावट दर्ज की गई। प्लैटिनम 0.5 प्रतिशत टूटकर 1,958.18 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि पैलेडियम 0.6 प्रतिशत गिरकर 1,389.68 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
भारत में सोने और चांदी का ताजा रेट
बुलियन एसोसिएशन के अनुसार, भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत 159,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बनी हुई है। वहीं चांदी का भाव 277,130 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है।
अगर पिछले एक सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो सोने की कीमतों में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है और इसकी तेजी 1 प्रतिशत से भी कम रही है। हालांकि चांदी ने बेहतर प्रदर्शन किया है और इसमें 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त देखने को मिली है।
आगे क्या रहेगा असर?
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय तनाव और कच्चे तेल की कीमतें सोने-चांदी के बाजार की दिशा तय करेंगी। अगर वैश्विक हालात और बिगड़ते हैं तो निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ सकते हैं, जिससे सोने की कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।