प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोने की खरीद को लेकर संयम बरतने की अपील और आयात पर सख्ती के बावजूद वैश्विक बाजार में बढ़ती हलचल का असर अब भारतीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 22 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई तेजी के चलते घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत में 1,417 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल दर्ज किया गया। इसके बाद 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर 1,47,552.61 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया।
आइए जानते हैं कि आखिर सोने की कीमतों में इस तेजी के पीछे कौन-कौन से बड़े कारण हैं।
1. मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
सोने की कीमतों में तेजी की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष फिर तेज होने से वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने की मांग और कीमत दोनों बढ़ जाती हैं।
2. सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ी मांग
जब दुनिया में आर्थिक या राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है, तो निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेश से पैसा निकालकर सोने में निवेश करना पसंद करते हैं। यही कारण है कि हाल के दिनों में गोल्ड की खरीदारी बढ़ी है और इसके दाम ऊपर चले गए हैं।
3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर नजर
अगले सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक होने वाली है। बाजार को उम्मीद है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा। यदि ब्याज दरें स्थिर रहती हैं, तो सोने में निवेश अधिक आकर्षक बन सकता है, जिससे इसकी कीमतों में और तेजी आने की संभावना है।
4. टेक्निकल रिकवरी का असर
रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरने के बाद सोने में निचले स्तर पर खरीदारी बढ़ी है। ट्रेडर्स इसे तकनीकी रिकवरी (Technical Rebound) मान रहे हैं। इस वजह से बाजार में सकारात्मक माहौल बना है और सोने की कीमतों को फिर से समर्थन मिल रहा है।
5. महंगाई का बढ़ता दबाव
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका है। महंगाई बढ़ने पर निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश बढ़ाते हैं। यही वजह है कि गोल्ड की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
6. डॉलर और बॉन्ड की कमजोरी
अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट और डॉलर के कमजोर होने से सोना निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक विकल्प बन गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड की मांग बढ़ी है, जिसका असर भारत के बाजार पर भी दिखाई दे रहा है।
7. केंद्रीय बैंकों का सोने पर भरोसा
रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ा रहे हैं। सुरक्षित निवेश के रूप में सोने पर उनका भरोसा कायम है, जिससे वैश्विक स्तर पर इसकी मांग मजबूत बनी हुई है।
क्या आगे भी महंगा हो सकता है सोना?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो आने वाले समय में सोने की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। ऐसे में निवेशक और खरीदार दोनों को बाजार की चाल पर नजर बनाए रखनी चाहिए।