Gold Silver Price Today: अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। निवेशकों की नजर इस समय दो बड़े फैक्टर्स पर टिकी हुई है—मिडिल ईस्ट में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव और अगले सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की बैठक। कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिसका असर कीमती धातुओं के बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड और सिल्वर का प्रदर्शन
वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग 4,133.39 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर बनी रही। हालांकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 4,165.87 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई थी, जो 7 जुलाई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था। वहीं अमेरिका में अगस्त डिलीवरी वाले गोल्ड फ्यूचर में करीब 0.4% की गिरावट दर्ज की गई और यह 4,136.8 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखाई दिया।
दूसरी ओर, चांदी में हल्की मजबूती देखने को मिली। स्पॉट सिल्वर 0.1% बढ़कर 59.78 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इसके अलावा प्लेटिनम 1,646.57 डॉलर प्रति औंस और पैलेडियम 1,296.50 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहे थे।
मिडिल ईस्ट संकट ने बढ़ाई महंगाई की चिंता
मिडिल ईस्ट में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका द्वारा ईरान पर नए सैन्य हमले और लाल सागर में हूती विद्रोहियों की ओर से ऑयल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 1.5% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। यह पिछले छह सप्ताह का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।
क्रूड ऑयल महंगा होने से वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने और महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है। इसी कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है। अमेरिकी डॉलर को भी इस स्थिति का फायदा मिला, जबकि जापानी येन कई दशकों के निचले स्तर के आसपास बना हुआ है।
फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी बाजार की निगाहें
अमेरिका में बढ़ती महंगाई की आशंका के चलते 2 साल की ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड 17 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि भविष्य में ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व सख्त रुख अपना सकता है।
हालांकि बाजार की आम धारणा है कि अगली बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन निवेशकों को उम्मीद है कि फेड अपने भविष्य के रुख को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। यदि आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी होती है तो इसका दबाव सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों पर पड़ सकता है। वहीं यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) भी फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं कर सकता, लेकिन सितंबर में संभावित वृद्धि के संकेत मिल सकते हैं।
भारतीय बाजार में सोने और चांदी के ताजा भाव
घरेलू सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,46,370 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बनी हुई है। यदि पिछले सप्ताह की तुलना करें तो 16 जुलाई 2026 को इसका भाव 1,40,790 रुपये था, यानी एक सप्ताह में करीब 3.96% की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
हालांकि एक महीने पहले की कीमत 1,46,780 रुपये थी, जिसके मुकाबले मौजूदा भाव में 0.28% की हल्की गिरावट आई है। वहीं पिछले एक वर्ष में सोने ने शानदार प्रदर्शन किया है। 23 जुलाई 2025 को इसकी कीमत 99,950 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो अब बढ़कर 1,46,370 रुपये हो गई है। इस दौरान सोने में करीब 46.44% का रिटर्न मिला है।
चांदी की बात करें तो 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव 2,27,690 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। एक सप्ताह पहले यह 2,16,040 रुपये प्रति किलो थी, यानी इसमें 5.39% की तेजी आई है। पिछले महीने की तुलना में चांदी लगभग 0.58% महंगी हुई है।
यदि सालाना प्रदर्शन देखें तो 23 जुलाई 2025 को चांदी का भाव 1,15,950 रुपये प्रति किलो था, जो अब बढ़कर 2,27,690 रुपये प्रति किलो हो चुका है। इस तरह एक साल में चांदी ने करीब 96.37% की जोरदार बढ़त दर्ज की है।
गोल्ड माइनिंग सेक्टर में बड़ी कॉरपोरेट डील
गोल्ड माइनिंग इंडस्ट्री में भी एक बड़ा सौदा सामने आया है। नोवागोल्ड रिसोर्सेज ने घोषणा की है कि वह पॉलसन एडवाइजर्स की डोनलिन गोल्ड प्रोजेक्ट में बची हुई हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी। यह पूरी तरह ऑल-स्टॉक डील होगी, जिसके बाद लगभग 4.2 बिलियन डॉलर मूल्य की एक बड़ी गोल्ड प्रोड्यूसर कंपनी अस्तित्व में आ सकती है।
निष्कर्ष
फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों की दिशा वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की चाल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों पर निर्भर करेगी। यदि मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है या ब्याज दरों को लेकर सख्त संकेत मिलते हैं, तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं के बाजार में और अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले बाजार की ताजा स्थिति पर नजर बनाए रखना चाहिए।