Fever में Workout करना कितना सही? डॉक्टर से जानिए बुखार में एक्सरसाइज करने के फायदे-नुकसान

Saroj kanwar
5 Min Read

बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और दूसरी मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कई बार संक्रमण की वजह से शरीर का तापमान भी बढ़ जाता है और बुखार हो जाता है। ऐसे में जो लोग नियमित रूप से जिम जाते हैं या अपनी फिटनेस को लेकर काफी सजग रहते हैं, उनके मन में अक्सर सवाल होता है कि क्या बुखार होने पर भी एक्सरसाइज या वर्कआउट किया जा सकता है?

अगर आप भी इसी उलझन में हैं, तो डॉक्टर की सलाह को समझना जरूरी है। बुखार के दौरान शरीर पहले से ही बीमारी से मुकाबला करने में अपनी ऊर्जा खर्च कर रहा होता है। ऐसे समय में एक्सरसाइज करना शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

क्या बुखार में एक्सरसाइज करना सही है?

डॉक्टर मगन के अनुसार, बुखार होने पर वर्कआउट करने से बचना चाहिए। बुखार अक्सर इस बात का संकेत होता है कि शरीर किसी संक्रमण या बीमारी से लड़ रहा है। इस दौरान इम्यून सिस्टम सक्रिय रहता है और शरीर को आराम की जरूरत होती है।

ऐसे में जिम, रनिंग या कोई भी कठिन एक्सरसाइज करने से शरीर पर अनावश्यक तनाव पड़ सकता है और रिकवरी प्रभावित हो सकती है।

बुखार में एक्सरसाइज करने से क्या नुकसान हो सकता है?

1. शरीर में पानी की कमी

बुखार के दौरान शरीर का तापमान सामान्य से अधिक हो सकता है। अगर इसके साथ एक्सरसाइज करके ज्यादा पसीना निकलता है, तो शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी होने का खतरा बढ़ सकता है।

2. थकान और कमजोरी बढ़ सकती है

बीमारी के दौरान शरीर की ऊर्जा संक्रमण से लड़ने में इस्तेमाल हो रही होती है। ऐसे में वर्कआउट करने पर थकान और कमजोरी ज्यादा महसूस हो सकती है।

3. रिकवरी में लग सकता है ज्यादा समय

बीमारी के दौरान शरीर को पर्याप्त आराम न मिलने पर ठीक होने में अधिक समय लग सकता है। इसलिए बुखार के दौरान शरीर को आराम देना रिकवरी के लिए बेहतर माना जाता है।

4. हृदय पर बढ़ सकता है दबाव

एक्सरसाइज करने से हार्ट रेट और शरीर का तापमान बढ़ता है। बुखार की स्थिति में यह अतिरिक्त दबाव शरीर के लिए परेशानी बढ़ा सकता है, खासकर अगर व्यक्ति पहले से काफी कमजोर महसूस कर रहा हो।

‘नेक रूल’ क्या कहता है?

बीमारी के दौरान एक्सरसाइज करनी है या नहीं, इसे लेकर एक सामान्य गाइडलाइन ‘नेक रूल’ के नाम से बताई जाती है। इसके अनुसार लक्षणों की जगह और गंभीरता को देखकर गतिविधि तय की जा सकती है।

गर्दन के ऊपर के हल्के लक्षण: अगर केवल हल्की नाक बहना या मामूली छींक जैसी समस्या है और बुखार नहीं है, तो कुछ लोगों के लिए हल्की स्ट्रेचिंग या बहुत हल्की गतिविधि ठीक हो सकती है।

गर्दन के नीचे के लक्षण: अगर बुखार, शरीर में दर्द, उल्टी जैसा महसूस होना, तेज कमजोरी, खांसी के साथ सीने में जकड़न जैसे लक्षण हैं, तो एक्सरसाइज से बचकर आराम करना बेहतर है।

ध्यान रखें कि यह एक सामान्य नियम है। लक्षण ज्यादा हों या हालत बिगड़ रही हो, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

बुखार ठीक होने के बाद कब शुरू करें एक्सरसाइज?

बुखार उतरते ही अगले दिन से भारी वर्कआउट शुरू करना सही तरीका नहीं है। डॉक्टर मगन के मुताबिक, पूरी तरह ठीक होने के बाद भी शरीर को रिकवर होने के लिए कुछ समय देना चाहिए।

शुरुआत में हल्की वॉक या आसान गतिविधि से शुरुआत करें। अगर शरीर में पर्याप्त ऊर्जा महसूस हो रही है और सामान्य गतिविधियों के दौरान असामान्य थकान नहीं हो रही, तभी धीरे-धीरे अपनी पुरानी एक्सरसाइज रूटीन की ओर लौटें।

निष्कर्ष: बुखार के दौरान फिटनेस से ज्यादा जरूरी शरीर को आराम और रिकवरी का समय देना है। जब तक आप पूरी तरह स्वस्थ महसूस न करें, तब तक भारी एक्सरसाइज और जिम से दूरी बनाए रखना बेहतर है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *