Bina News: बीना में खरीफ मौसम की खराब स्थिति और प्रमाणित बीज न बोने के कारण 10 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सोयाबीन की फसल खराब हो गई है। बीज अंकुरित न होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है और कई किसान दोबारा बोवनी भी नहीं कर पाए हैं। इसके चलते किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
कृषि विभाग के अनुसार, इस वर्ष बीना तहसील में कुल 58 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसल उगाई गई थी, जिसमें से लगभग 40 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की खेती हुई। इसमें 25 प्रतिशत क्षेत्र यानी करीब 10 हजार हेक्टेयर में फसल अंकुरित नहीं हो पाई। बोवनी के बाद लगातार हुई बारिश से बीज खेतों में सड़ गया।
एक एकड़ में लगभग 6 हजार रुपए खर्च आता है, इसलिए किसानों को अब तक करीब 6 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। किसान निमिश अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने 8 एकड़ में सोयाबीन बोई थी, लेकिन अंकुरण न होने की वजह से लगभग 50 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि यह प्राकृतिक आपदा है और किसानों को उचित मुआवजा मिलने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वे जल्द किसानों के नुकसान का सर्वे कराकर ज्ञापन देंगे।
वरिष्ठ कृषि अधिकारी अवधेश राय ने बताया कि जून के अंत में हुई बारिश और खराब मौसम के कारण बीज सड़ गया। उन्होंने सलाह दी है कि किसान 15 जुलाई तक उड़द की बोवनी कर सकते हैं।
फसल खराब होने से किसानों को रबी फसल की बुवाई में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि खरीफ फसल बेचकर ही वे रबी की बुवाई करते हैं।