बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की अध्यक्षता में 13 मई को आयोजित कैबिनेट बैठक में 18 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। इस बैठक में राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने समेत कई बड़े फैसले लिए गए। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य को 72,901 करोड़ रुपये तक का ऋण लेने की अनुमति भी दी है। इसमें 64,141 करोड़ रुपये बाजार से जुटाए जाने वाले कर्ज के रूप में शामिल होंगे, जिनका उपयोग विभिन्न विकास परियोजनाओं को पूरा करने में किया जाएगा।
कैबिनेट ने 7वें वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने को मंजूरी दी। वहीं, छठे वेतनमान वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत और पांचवें वेतनमान वालों का डीए 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार के अनुसार यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएगी।
सरकार का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की क्रय शक्ति बनाए रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सिवान जैसे संवेदनशील जिलों में पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) के पांच नए पद सृजित करने की मंजूरी भी दी गई।
बैठक में बिहार नगर नियोजन सेवा कैडर के लिए नए वेतन ढांचे को भी स्वीकृति मिली। इसके तहत सहायक नगर नियोजन अधिकारी के पद को वेतन लेवल-6 में रखा जाएगा, जबकि नगर नियोजन अधिकारी के प्रथम प्रमोशन स्तर को लेवल-7 में शामिल किया गया है।
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के तहत पटना जिले के बिहटा स्थित सिकंदरपुर क्लस्टर में डेयरी प्लांट लगाने के लिए मेसर्स नीफ प्राइवेट लिमिटेड के 9,717.60 लाख रुपये के निवेश प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली। प्रस्तावित प्लांट में हर दिन 84 हजार लीटर फुल क्रीम दूध और 36 हजार लीटर टोन्ड दूध का उत्पादन किया जाएगा। इससे करीब 170 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई है।
वहीं, वैशाली जिले में औद्योगिक क्षेत्र विस्तार के लिए अधिग्रहित 1,243.45 एकड़ जमीन में से 100 एकड़ भूमि केंद्र सरकार को राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFTEM) की स्थापना के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
इसके अलावा पश्चिम चंपारण जिले के पिपरासी और भितहा तथा मुंगेर जिले के टेटिया बम्बर प्रखंड में नए डिग्री कॉलेज खोलने को मंजूरी दी गई है। इन कॉलेजों के सुचारु संचालन के लिए कुल 132 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।