सीने में चुभन को न समझें हार्ट अटैक! इन 5 कारणों से भी हो सकता है दर्द

Saroj kanwar
6 Min Read

सीने में दर्द, चुभन, दबाव या भारीपन महसूस होते ही ज्यादातर लोगों के मन में सबसे पहले हार्ट अटैक का डर आता है। ऐसे लक्षणों को गंभीरता से लेना जरूरी है और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। हालांकि, हर बार सीने की तकलीफ का कारण हृदय संबंधी बीमारी ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है।

पाचन तंत्र की समस्या, मांसपेशियों में खिंचाव, फेफड़ों से जुड़ी परेशानी, तनाव या गलत पोस्चर जैसी कई स्थितियों में भी छाती में दर्द या चुभन महसूस हो सकती है। इसलिए सही कारण का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय जांच महत्वपूर्ण है।

हार्ट अटैक के लक्षण कैसे पहचानें?

सीने में परेशानी होने पर डॉक्टर सबसे पहले यह पता लगाने की कोशिश करते हैं कि कहीं इसका संबंध हृदय से तो नहीं है। हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है, इसलिए इसके संभावित संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हार्ट अटैक में सीने में दबाव या दर्द के साथ सांस लेने में परेशानी, मितली, चक्कर, पसीना आना या दर्द का कंधे, हाथ, पीठ या जबड़े तक फैलना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। अगर ऐसे लक्षण अचानक और गंभीर रूप से सामने आएं, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

यदि जांच में हृदय संबंधी समस्या नहीं मिलती, तो डॉक्टर सीने में दर्द के दूसरे संभावित कारणों पर विचार करते हैं।

1. एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स

सीने में जलन और दर्द की एक सामान्य वजह एसिड रिफ्लक्स हो सकती है। इसमें पेट का अम्ल ऊपर की ओर भोजन नली में पहुंच जाता है, जिससे सीने में जलन या दर्द महसूस होता है। इसे आमतौर पर हार्टबर्न कहा जाता है।

अक्सर यह परेशानी अधिक या मसालेदार भोजन करने के बाद और तुरंत लेटने पर बढ़ सकती है। इससे बचने के लिए बहुत ज्यादा भोजन एक साथ करने के बजाय थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खाना बेहतर होता है। भोजन के तुरंत बाद लेटने से भी बचें और जिन चीजों से आपको एसिडिटी बढ़ती है, उनका सेवन सीमित करें।

अगर बार-बार सीने में जलन या दर्द की शिकायत होती है, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।

2. मांसपेशियों में खिंचाव और कॉस्टोकॉन्ड्राइटिस

सीने की मांसपेशियों या पसलियों के आसपास के ऊतकों में परेशानी होने पर भी दर्द हो सकता है। भारी सामान उठाना, लगातार खांसी, अचानक शरीर को मोड़ना या लंबे समय तक गलत पोस्चर में बैठना इसके संभावित कारण हो सकते हैं।

कॉस्टोकॉन्ड्राइटिस में पसलियों और ब्रेस्टबोन को जोड़ने वाले कार्टिलेज में सूजन हो जाती है। इसका दर्द शरीर को हिलाने, खांसने या प्रभावित हिस्से पर दबाव पड़ने से बढ़ सकता है।

ऐसी स्थिति में पर्याप्त आराम, सही पोस्चर और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार मददगार हो सकता है। दर्द लगातार बना रहे या बढ़ता जाए, तो चिकित्सकीय जांच जरूर कराएं।

3. तनाव, एंग्जायटी और पैनिक अटैक

मानसिक तनाव और एंग्जायटी का असर शरीर पर भी पड़ सकता है। कुछ लोगों में इसके कारण सीने में जकड़न, दर्द या चुभन के साथ तेज धड़कन, सांस फूलना, पसीना और बेचैनी जैसी शिकायतें हो सकती हैं।

इन लक्षणों को कभी-कभी हार्ट अटैक समझ लिया जाता है। इसलिए पहली बार ऐसे लक्षण महसूस होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, ताकि गंभीर हृदय संबंधी कारणों को बाहर किया जा सके।

यदि हृदय संबंधी बीमारी की संभावना नहीं है, तो तनाव कम करने के लिए पर्याप्त नींद, नियमित दिनचर्या, रिलैक्सेशन और ब्रीदिंग एक्सरसाइज जैसी आदतें मदद कर सकती हैं। जरूरत पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह भी ली जा सकती है।

4. फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं

छाती में दर्द या भारीपन का संबंध फेफड़ों की कुछ समस्याओं से भी हो सकता है। चेस्ट इंफेक्शन, निमोनिया, लंबे समय तक रहने वाली खांसी और कुछ मामलों में अस्थमा के कारण छाती में असहजता या जकड़न महसूस हो सकती है।

अगर सीने की तकलीफ के साथ लगातार खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। उपचार समस्या के कारण पर निर्भर करता है।

5. गैस, ब्लोटिंग और अपच

पेट में गैस बनने, ब्लोटिंग या अपच की वजह से भी शरीर के ऊपरी हिस्से में दबाव या असहजता महसूस हो सकती है। पेट फूलने के साथ ऊपरी पेट और छाती के निचले हिस्से में परेशानी हो सकती है।

ऐसे मामलों में डकार आना, पेट भारी लगना और खाने के बाद असहजता जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। धीरे-धीरे खाना, जरूरत से ज्यादा भोजन न करना और अपने लिए गैस बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करना मददगार हो सकता है।

सीने के दर्द को नजरअंदाज न करें

सीने में दर्द, चुभन या भारीपन हमेशा हार्ट अटैक का संकेत नहीं होता। इसके पीछे एसिडिटी, मांसपेशियों में खिंचाव, एंग्जायटी, फेफड़ों की समस्या या गैस जैसी कई वजहें हो सकती हैं। लेकिन केवल लक्षणों के आधार पर खुद से यह तय करना सही नहीं है कि दर्द किस कारण से हो रहा है।

अगर सीने में अचानक तेज दर्द या दबाव हो, सांस लेने में परेशानी हो, बेहोशी/चक्कर आए या दर्द हाथ, कंधे, पीठ या जबड़े तक फैल रहा हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। सही कारण की पुष्टि डॉक्टर की जांच से ही की जानी चाहिए।

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