सोने और चांदी की कीमतों में 13 अगस्त को तेज गिरावट देखने को मिली। पिछले सात कारोबारी सत्रों से लगातार बढ़ रहे सोने के भाव पर आखिरकार ब्रेक लग गया। घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं पर दबाव नजर आया। इससे पहले सोना करीब दो महीने के उच्च स्तर तक पहुंच गया था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 0.90 फीसदी फिसलकर 4,369 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स में कमजोरी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, हालिया तेज बढ़त के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली सोने की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह हो सकती है।
MCX पर सोने के भाव में गिरावट
भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 13 अगस्त को गोल्ड फ्यूचर्स में गिरावट रही। दोपहर करीब 2 बजे सोना 0.81 फीसदी यानी 1,255 रुपये की गिरावट के साथ 1,53,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार तेजी के बाद बाजार में प्रॉफिट बुकिंग स्वाभाविक है। इसके अलावा अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर भी निवेशकों की नजर रही। अमेरिका में जुलाई के महंगाई आंकड़े बाजार की उम्मीदों के आसपास रहे।
अमेरिका में महंगाई दर में मामूली कमी
अमेरिका में जुलाई के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में सालाना आधार पर 3.4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जून में यह आंकड़ा 3.5 फीसदी था। महंगाई दर में मामूली नरमी से अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बाजार की उम्मीदों में भी बदलाव आया है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की सितंबर में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना घटकर करीब 40 फीसदी रह गई है, जबकि पहले यह अनुमान 54 फीसदी के आसपास था। ब्याज दरों को लेकर बदलते अनुमान का असर सोने जैसी सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों पर भी पड़ता है।
सात सत्रों में करीब ₹12,400 चढ़ा था सोना
13 अगस्त की गिरावट से पहले सोने ने लगातार सात कारोबारी सत्रों में जोरदार प्रदर्शन किया था। दिल्ली सर्राफा बाजार में इस अवधि के दौरान सोने की कीमत करीब 8.4 फीसदी यानी लगभग 12,400 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ गई थी।
लगातार तेजी के कारण सोना ऊंचे स्तरों पर पहुंच गया था। ऐसे में निवेशकों द्वारा मुनाफा वसूलने से कीमतों में कुछ समय के लिए दबाव आना बाजार की सामान्य प्रक्रिया मानी जा रही है। इस दौरान चांदी में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई थी।
चांदी के भाव में भी बड़ी गिरावट
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी 13 अगस्त को कमजोरी रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिल्वर करीब 1.32 फीसदी गिरकर 64.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
घरेलू बाजार में MCX सिल्वर फ्यूचर्स करीब 1.46 फीसदी यानी 3,546 रुपये की गिरावट के साथ 2,34,289 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था। बाजार में अक्सर चांदी की चाल पर सोने की दिशा का भी असर देखने को मिलता है।
आगे कैसी रह सकती है सोने की चाल?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल सोने में कंसॉलिडेशन का दौर जारी रह सकता है। हालिया गिरावट के बावजूद सोने और चांदी के बुनियादी फंडामेंटल्स में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है।
भूराजनीतिक तनाव भी बाजार के लिए अहम फैक्टर बना हुआ है। मध्य पूर्व में जारी तनाव, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी स्थिति और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर रही हैं। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच किसी संभावित समझौते को लेकर भी फिलहाल स्पष्ट संकेत नहीं हैं।
ऐसे में आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों पर मुनाफावसूली के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम का असर देखने को मिल सकता है।