कई लोगों को समय-समय पर चक्कर आने की शिकायत होती है। अक्सर इसे थकान, कमजोरी, गर्मी या मौसम में बदलाव से जोड़कर नजरअंदाज कर दिया जाता है। हालांकि, लगातार या बार-बार चक्कर आने के पीछे शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी एक संभावित कारण हो सकती है। विटामिन शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं और इनकी कमी से अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि चक्कर आना हमेशा विटामिन की कमी का संकेत नहीं होता। लो ब्लड प्रेशर, शरीर में पानी की कमी, एनीमिया, कान से संबंधित परेशानी और अन्य स्वास्थ्य स्थितियां भी इसके पीछे जिम्मेदार हो सकती हैं। इसलिए लगातार चक्कर आने की समस्या को नजरअंदाज करने के बजाय इसके सही कारण का पता लगाना जरूरी है।
किन विटामिन्स की कमी से आ सकते हैं चक्कर?
कुछ मामलों में विटामिन B12, फोलेट (विटामिन B9) और विटामिन D की कमी चक्कर या अस्थिरता जैसी समस्या से जुड़ी हो सकती है।
विटामिन B12 और फोलेट
विटामिन B12 और फोलेट शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं। इनकी कमी होने पर एनीमिया की समस्या हो सकती है। एनीमिया की स्थिति में शरीर के विभिन्न हिस्सों और मस्तिष्क तक ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसके कारण चक्कर, थकान और कमजोरी जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।
विटामिन D
विटामिन D की कमी का असर मांसपेशियों की ताकत और शरीर के संतुलन पर भी पड़ सकता है। कुछ लोगों में इसकी कमी के कारण कमजोरी या अस्थिरता महसूस हो सकती है, जिसे वे चक्कर आने के रूप में महसूस कर सकते हैं।
हालांकि, केवल चक्कर आने के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि किसी खास विटामिन की कमी है। सही कारण जानने के लिए डॉक्टर की सलाह और जरूरत पड़ने पर ब्लड टेस्ट कराना बेहतर होता है।
चक्कर के साथ दिखें ये लक्षण तो न करें नजरअंदाज
अगर चक्कर आने के साथ कुछ अन्य असामान्य लक्षण भी दिखाई दें, तो इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। लगातार कमजोरी या अत्यधिक थकान, सांस लेने में परेशानी, धुंधला दिखाई देना, हाथ-पैरों में झनझनाहट, चलने में दिक्कत, बेहोशी, तेज सिरदर्द या सीने में दर्द जैसी समस्याएं होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
अगर चक्कर बार-बार आते हैं, लंबे समय तक रहते हैं या धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच करवाने में देरी नहीं करनी चाहिए।
बार-बार चक्कर आएं तो क्या करें?
बार-बार चक्कर आने की स्थिति में सबसे पहले इसके संभावित कारण का पता लगाना जरूरी है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड टेस्ट या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। बिना चिकित्सकीय सलाह के विटामिन की गोलियां या सप्लीमेंट लेना शुरू न करें।
इस दौरान पौष्टिक और संतुलित आहार लेने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और अच्छी नींद लेने पर भी ध्यान दें। अगर चक्कर के साथ बेहोशी, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या बोलने में कठिनाई जैसे गंभीर लक्षण सामने आएं, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
निष्कर्ष: बार-बार चक्कर आना शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी से जुड़ा हो सकता है, लेकिन यह कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। इसलिए केवल विटामिन सप्लीमेंट लेने के बजाय सही कारण की पहचान और उचित चिकित्सकीय सलाह को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।