जब भी पौष्टिक ड्राई फ्रूट्स की बात होती है, बादाम का जिक्र जरूर होता है। स्वादिष्ट होने के साथ-साथ बादाम में प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन ई और कई जरूरी मिनरल्स मौजूद होते हैं। यही वजह है कि इसे संतुलित डाइट का हिस्सा माना जाता है।
नियमित रूप से बादाम खाने से शरीर को कई तरह के पोषक तत्व मिलते हैं। यह हार्ट हेल्थ, पाचन, वजन को मैनेज करने, हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा इसमें मौजूद पोषक तत्व आंखों और दिमाग के स्वास्थ्य को भी सपोर्ट करते हैं।
बादाम का छिलका उतारकर खाना कितना सही?
भारत में बहुत से लोग बादाम को रातभर पानी में भिगोने के बाद उसका छिलका निकालकर खाते हैं। माना जाता है कि इस तरह बादाम ज्यादा आसानी से पचता है। हालांकि, आलमंड बोर्ड ऑफ कैलिफोर्निया की न्यूट्रिशन एक्सपर्ट एलेना हेल्मर के मुताबिक, बादाम का छिलका फेंक देना जरूरी नहीं है।
उनके अनुसार, कई लोग बादाम का छिलका हटाकर खाते हैं और इस दौरान छिलके में मौजूद कुछ पोषक तत्वों का फायदा नहीं ले पाते। बादाम का छिलका भी पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
क्या बादाम का छिलका नुकसानदायक होता है?
बादाम के छिलके को लेकर अक्सर एंटी-न्यूट्रिएंट्स की चर्चा होती है। कुछ लोगों का मानना है कि ये तत्व बादाम से मिलने वाले पोषक तत्वों के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं। लेकिन केवल इस वजह से बादाम के छिलके को पूरी तरह नुकसानदायक मानना सही नहीं है।
बादाम चाहे भिगोकर खाया जाए या छिलके के साथ, यह पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत बना रहता है। इसलिए इसे किस तरह खाना है, यह व्यक्ति की पसंद और पाचन क्षमता पर भी निर्भर कर सकता है।
बादाम के छिलके में भी होते हैं जरूरी पोषक तत्व
बादाम का छिलका केवल बाहरी परत नहीं है। इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट सहित कई पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व शरीर के लिए उपयोगी हो सकते हैं।
इसलिए अगर आपको बादाम छिलके के साथ खाने में कोई परेशानी नहीं होती, तो इसे हटाना जरूरी नहीं है। वहीं, अगर भीगे हुए और छीले बादाम आपको ज्यादा आसानी से पचते हैं, तो उस तरीके से भी इन्हें डाइट में शामिल किया जा सकता है।
100 ग्राम बादाम में कितने पोषक तत्व?
बादाम कैलोरी और पोषक तत्वों से भरपूर ड्राई फ्रूट है। लगभग 100 ग्राम बादाम में करीब 578 कैलोरी और लगभग 21 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसमें करीब 11–12 ग्राम फाइबर भी होता है, जो पाचन तंत्र के लिए उपयोगी है।
बादाम में मौजूद वसा का बड़ा हिस्सा मोनोअनसैचुरेटेड फैट होता है, जिसे संतुलित आहार का हिस्सा माना जाता है। इसी वजह से सीमित मात्रा में बादाम का सेवन पोषण की दृष्टि से फायदेमंद हो सकता है।
बादाम खाने का सही तरीका क्या है?
कई लोग रात में बादाम पानी में भिगोकर सुबह खाते हैं। आमतौर पर 6–8 बादाम भिगोकर खाने का चलन है। भिगोने से बादाम नरम हो जाते हैं और कुछ लोगों को इन्हें पचाना आसान लगता है।
हालांकि, बादाम खाने के लिए छिलका निकालना अनिवार्य नहीं है। आप अपनी सुविधा और पसंद के अनुसार इन्हें छिलके के साथ या बिना छिलके के खा सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि बादाम का सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए।
हड्डियों के लिए भी उपयोगी है बादाम
बादाम में मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स पाए जाते हैं। लगभग 100 ग्राम बादाम में करीब 270 मिलीग्राम मैग्नीशियम, 260 मिलीग्राम कैल्शियम, 4 मिलीग्राम आयरन और 730 मिलीग्राम पोटैशियम मौजूद हो सकता है।
ये पोषक तत्व हड्डियों, मांसपेशियों, रक्त निर्माण और शरीर के सामान्य कामकाज को सपोर्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालांकि, किसी एक खाद्य पदार्थ को किसी बीमारी का इलाज या किसी स्वास्थ्य समस्या का अकेला समाधान नहीं माना जाना चाहिए।
निष्कर्ष
बादाम को लेकर सबसे जरूरी बात यह है कि इसका सेवन आपकी डाइट और शरीर की जरूरत के अनुसार किया जाए। बादाम का छिलका अपने आप में खराब नहीं माना जाता और इसमें भी फाइबर व एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसलिए अगर आपको छिलके के साथ बादाम खाने में कोई परेशानी नहीं है, तो इसे हटाना जरूरी नहीं है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जानकारी के लिए है। इसे किसी बीमारी की दवा, इलाज या डॉक्टर की सलाह का विकल्प न समझें। अपनी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति या डाइट को लेकर सही सलाह के लिए योग्य डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट से संपर्क करें।