EPFO 3.0: सरकार लाई नई पेंशन योजना, करोड़ों कर्मचारियों को मिलेगा बड़ा फायदा

Saroj kanwar
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EPFO 3.0: केंद्र सरकार कर्मचारियों के लिए एक नई और अधिक समावेशी पेंशन व्यवस्था लाने की तैयारी कर रही है। यह प्रस्तावित योजना मौजूदा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) से अलग होगी और इसका दायरा काफी व्यापक होगा। इसके तहत केवल संगठित क्षेत्र के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि Ola, Uber, Swiggy जैसे प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले गिग वर्कर्स और वर्तमान में EPS के दायरे से बाहर रहने वाले अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारी भी लाभ उठा सकेंगे। यह पहल सरकार के EPFO 3.0 सुधार कार्यक्रम का हिस्सा मानी जा रही है।

Target Retirement Sum (TRS) से तय होगी रिटायरमेंट की तैयारी

नई पेंशन योजना में Target Retirement Sum (TRS) की सुविधा दी जा सकती है। इसका मतलब है कि सदस्य पहले से यह तय कर सकेंगे कि रिटायरमेंट के समय उन्हें कितनी राशि या पेंशन चाहिए। इसके आधार पर सिस्टम स्वतः यह गणना करेगा कि लक्ष्य तक पहुंचने के लिए हर महीने या हर साल कितना योगदान करना होगा। प्रत्येक सदस्य के लिए अलग पेंशन अकाउंट उपलब्ध होगा।

डैशबोर्ड पर मिलेगी रियल-टाइम जानकारी

रिपोर्ट के अनुसार, सदस्यों को एक पर्सनलाइज्ड डैशबोर्ड मिलेगा, जहां वे अपने पेंशन फंड की पूरी जानकारी रियल-टाइम में देख सकेंगे। इसमें जमा राशि, निवेश की स्थिति और रिटायरमेंट लक्ष्य की प्रगति दिखाई देगी। यदि भविष्य में जरूरत बदलती है तो सदस्य अपना लक्ष्य भी आसानी से अपडेट कर सकेंगे।

कई स्रोतों से हो सकेगा पेंशन फंड में योगदान

नई व्यवस्था में केवल कर्मचारी और नियोक्ता ही नहीं, बल्कि कई अन्य स्रोतों से भी पेंशन खाते में राशि जमा की जा सकेगी।

  • कम आय वाले कर्मचारियों के लिए सरकार भी योगदान दे सकती है।
  • गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए संबंधित कंपनियां योगदान करेंगी।
  • CSR फंड, गैर-सरकारी संगठन (NGO) और अन्य सामाजिक संस्थाओं को भी सदस्य के पेंशन खाते में राशि जमा करने की अनुमति मिल सकती है।

एक UAN से जुड़ सकेंगी कई कंपनियां

EPFO “वन-टू-मैनी” मॉडल पर काम कर रहा है। इसके तहत एक ही Universal Account Number (UAN) को कई कंपनियों या डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा सकेगा। इससे अलग-अलग कंपनियों में काम करने वाले गिग वर्कर्स अपने सभी PF और पेंशन योगदान को एक ही खाते में आसानी से प्रबंधित कर पाएंगे।

NPS से अधिक लचीला हो सकता है नया सिस्टम

प्रस्तावित योजना को National Pension System (NPS) की तुलना में अधिक लचीला बनाने पर विचार किया जा रहा है। जहां NPS में निकासी के नियम तय हैं, वहीं EPFO 55 वर्ष की आयु के बाद सदस्यों को अपनी जरूरत के अनुसार जमा राशि के उपयोग का विकल्प देने पर विचार कर रहा है। यह योजना सामान्य PF की तरह चलेगी और बाद में इसे पेंशन या व्यवस्थित निकासी (Systematic Withdrawal Plan) में बदला जा सकेगा।

अपनी जरूरत के अनुसार चुन सकेंगे पेंशन

योजना के तहत रिटायरमेंट के बाद सदस्य अपनी मासिक पेंशन का स्वरूप स्वयं तय कर सकेंगे। यदि कोई केवल निवेश पर मिलने वाला ब्याज पेंशन के रूप में लेना चाहता है तो मूल राशि सुरक्षित रहेगी। वहीं अधिक मासिक पेंशन की आवश्यकता होने पर मूलधन का कुछ हिस्सा भी निकाला जा सकेगा।

परिवार की सुरक्षा का भी रखा जाएगा ध्यान

इस प्रस्ताव में परिवार की आर्थिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए फैमिली बेनिफिट फंड बनाने की योजना है, जिससे सदस्य की मृत्यु के बाद उनके जीवनसाथी, बच्चों या अनाथ आश्रितों को पेंशन का लाभ मिल सके। इसके अलावा पुराने EPF और GPF खातों की राशि को भी इस नई योजना में स्थानांतरित करने का विकल्प दिए जाने पर विचार किया जा रहा है।

सिंगापुर मॉडल से प्रेरित है योजना

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस नई पेंशन व्यवस्था को तैयार करने के लिए सिंगापुर समेत कई देशों के रिटायरमेंट मॉडल का अध्ययन किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य Code on Social Security को प्रभावी ढंग से लागू करना है, ताकि पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके। फिलहाल यह प्रस्ताव विचार-विमर्श के चरण में है और इसे कब तथा किस सरकारी एजेंसी के माध्यम से लागू किया जाएगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

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