Pink Bus: महिलाओं की सुरक्षित यात्रा को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने एक नई पहल की है। बिहार राज्य सड़क परिवहन निगम (BSRTC) ने सहरसा जिले में ‘पिंक बस’ सेवा की शुरुआत की है। इस विशेष बस का उद्देश्य महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और कम खर्च में सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। फिलहाल यह सेवा केवल सहरसा जिले में संचालित की जा रही है। आइए जानते हैं इस बस के रूट, समय, सीटिंग क्षमता और सुरक्षा सुविधाओं के बारे में।
इस रूट पर चलेगी पिंक बस
सहरसा जिले के लिए फिलहाल एक पिंक बस उपलब्ध कराई गई है। यह बस सहरसा से मिर्जापुर तक रहुआ, बारा और नवहट्टा होते हुए संचालित की जा रही है। यह सेवा विशेष रूप से महिलाओं और छात्राओं की दैनिक यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
बस का समय
पिंक बस प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे सहरसा से रवाना होती है। वहीं, यह बस नवहट्टा से शाम लगभग 4:00 बजे वापस लौटती है। तय समय के अनुसार संचालन होने से नौकरीपेशा महिलाओं और छात्राओं को अपने सफर की बेहतर योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।
24 यात्रियों की बैठने की क्षमता
इस विशेष बस में एक समय में 24 यात्री सफर कर सकते हैं। महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बस में महिला कंडक्टर की भी नियुक्ति की गई है। महिला कंडक्टर पूजा जायसवाल के अनुसार, इस सेवा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को बिना किसी डर के सुरक्षित और सम्मानजनक यात्रा का अनुभव देना है।
सुरक्षा के लिए मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पिंक बस में कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं। इनमें GPS ट्रैकिंग सिस्टम, पैनिक बटन और महिला कंडक्टर जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यात्रा के दौरान महिलाओं और छात्राओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।
महिलाओं ने की पहल की सराहना
स्थानीय महिलाओं ने इस नई सेवा का स्वागत किया है। सरकारी शिक्षिका भावना ने कहा कि यह पहल कामकाजी महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी, क्योंकि अब वे समय पर और सुरक्षित तरीके से अपने कार्यस्थल तक पहुंच सकेंगी।
वहीं, शिक्षिका अनीता ने बताया कि पहले यात्रा के दौरान कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन पिंक बस शुरू होने के बाद सफर अधिक सुरक्षित और आरामदायक हो गया है।
हजारों महिलाओं को मिल सकता है लाभ
पिंक बस सेवा से सबसे अधिक फायदा नौकरीपेशा महिलाओं, छात्राओं और अन्य महिला यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि भविष्य में इस सेवा का विस्तार अन्य मार्गों पर भी किया जाता है, तो जिले की हजारों महिलाओं को सुरक्षित और भरोसेमंद सार्वजनिक परिवहन का लाभ मिलेगा। साथ ही, इससे महिलाओं की सार्वजनिक परिवहन में भागीदारी भी बढ़ने की संभावना है।