हवाई सफर होगा महंगा! टिकट की कीमतों में 25% तक बढ़ोतरी संभव

Saroj kanwar
4 Min Read

Air Ticket Price: यदि आप आने वाले महीनों में हवाई यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की सीमित उपलब्धता के कारण एयरलाइंस की लागत लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा और फ्लाइट टिकट की कीमतों में 20% से 25% तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

ATF महंगा होने से बढ़ेगा एयरलाइंस का खर्च

एयरलाइन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत होती है। ऐसे में यदि जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ती हैं, तो एयरलाइंस अतिरिक्त लागत की भरपाई टिकट के दाम बढ़ाकर करती हैं। यही कारण है कि आने वाले समय में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया महंगा हो सकता है।

मध्य पूर्व के तनाव का पड़ा बड़ा असर

हाल के दिनों में मध्य पूर्व (West Asia) में बढ़ते तनाव और कई बड़े रिफाइनरियों में उत्पादन संबंधी समस्याओं के कारण जेट फ्यूल की सप्लाई प्रभावित हुई है। खाड़ी देशों और एशियाई बाजारों से होने वाला ईंधन निर्यात भी दबाव में है, जिससे वैश्विक स्तर पर जेट फ्यूल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, जेट फ्यूल क्रैक स्प्रेड (कच्चे तेल और रिफाइंड फ्यूल की कीमतों के बीच का अंतर) आने वाले समय में तेजी से बढ़ सकता है। सामान्य तौर पर यह अंतर लगभग 20 डॉलर प्रति बैरल रहता है, लेकिन अनुमान है कि वर्ष 2026 तक यह 50 डॉलर प्रति बैरल से अधिक पहुंच सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य भी बना चिंता का कारण

दुनिया में तेल और गैस की आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) भी मौजूदा संकट का एक बड़ा कारण बना हुआ है। इस क्षेत्र में जारी संघर्ष के चलते तेल और ईंधन की आवाजाही प्रभावित हुई, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ा। हालांकि अब जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन वैश्विक ईंधन भंडार को सामान्य स्तर पर लौटने में अभी समय लग सकता है।

कई देशों ने घटाया ईंधन निर्यात

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे कई एशियाई देशों ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए जेट फ्यूल के निर्यात में कटौती की है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की उपलब्धता और कम हो गई है, जिसका असर एयरलाइंस के परिचालन खर्च पर साफ दिखाई दे रहा है।

यात्रियों के लिए क्या है सलाह?

विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही आने वाले महीनों में सप्लाई की स्थिति कुछ बेहतर हो जाए, लेकिन जेट फ्यूल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं। ऐसे में एयरलाइंस किराया बढ़ाने का फैसला ले सकती हैं। यदि आप छुट्टियों, बिजनेस ट्रिप या किसी अन्य यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पहले से टिकट बुक करना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। देर करने पर आपको पहले की तुलना में अधिक किराया चुकाना पड़ सकता है.


यह लेख SEO के लिए Air Ticket Price, Flight Ticket Price Hike, ATF Price, Flight Fare Increase, Airfare News जैसे प्रमुख कीवर्ड्स को स्वाभाविक रूप से शामिल करता है और पूरी तरह यूनिक शैली में लिखा गया है।

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *