नई दिल्ली: सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय बाजार में ज्वैलरी की मांग एक बार फिर तेज होती दिखाई दे रही है। आदित्य बिड़ला ग्रुप के ज्वैलरी ब्रांड इंद्रिया (Indriya) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) संदीप कोहली ने बताया कि कस्टम ड्यूटी बढ़ने के बाद कुछ समय के लिए ग्राहकों की खरीदारी धीमी पड़ी थी, लेकिन अब बाजार में पहले जैसी रौनक लौट आई है।
मनीकंट्रोल को दिए गए एक इंटरव्यू में संदीप कोहली ने कहा कि पिछले दो सप्ताह के दौरान ग्राहकों की खरीदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे ज्वैलरी उद्योग को नई ऊर्जा मिली है।
कस्टम ड्यूटी बढ़ने से क्यों थम गई थी खरीदारी?
सरकार ने मई 2026 में सोने के आयात पर कस्टम ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी थी। इस फैसले के बाद सोने की कीमतों में अचानक उछाल आया, जिससे कई खरीदारों ने कुछ समय के लिए खरीदारी टाल दी। लोगों ने नई कीमतों का आकलन करने के लिए इंतजार करना बेहतर समझा, जिसका असर पूरे ज्वैलरी सेक्टर पर दिखाई दिया।
हालांकि अब बाजार ने नई कीमतों के साथ खुद को संतुलित कर लिया है और ग्राहकों की मांग तेजी से वापस लौट रही है।
सोने की कीमतों में गिरावट से ग्राहकों को मिली राहत
हाल के दिनों में सोने की कीमतों में आई नरमी ने भी खरीदारी को बढ़ावा दिया है। दिल्ली में 22 कैरेट सोने का भाव करीब ₹13,244 प्रति ग्राम और मुंबई में ₹13,229 प्रति ग्राम तक पहुंच गया है। कीमतों में आई इस राहत के चलते ग्राहक दोबारा ज्वैलरी शोरूम का रुख कर रहे हैं।
“भारतीयों के लिए सोना सिर्फ निवेश नहीं, परंपरा भी है”
संदीप कोहली का मानना है कि भारत में सोने की अहमियत केवल निवेश तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सोना विशेष स्थान रखता है और शादी-ब्याह से लेकर त्योहारों तक इसकी मांग हमेशा बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि भले ही कीमतें बढ़ें या घटें, ग्राहक अन्य निवेश विकल्पों की तुलना जरूर करते हैं, लेकिन सोने की खरीद पूरी तरह बंद नहीं होती। साथ ही आज के ग्राहक पारंपरिक गहनों के बजाय यूनिक और प्रीमियम डिजाइन वाले ज्वैलरी पीस को अधिक पसंद कर रहे हैं।
तेजी से विस्तार कर रहा है Indriya ब्रांड
साल 2024 में लॉन्च हुआ इंद्रिया देश के सबसे तेजी से विस्तार करने वाले ज्वैलरी रिटेल ब्रांड्स में शामिल हो चुका है। वर्तमान में कंपनी के 40 से अधिक शहरों में 81 स्टोर संचालित हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2027 तक कंपनी करीब 40 नए स्टोर खोलने की तैयारी कर रही है।
ग्राहकों के खरीदारी अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कंपनी ने अपने शोरूम में Sparklescope नाम की नई तकनीक भी पेश की है। इस तकनीक की मदद से ग्राहक स्वयं अपने हीरे की चमक और गुणवत्ता को आसानी से देख और समझ सकते हैं।
नेचुरल डायमंड पर कंपनी का खास फोकस
भारत के लगभग ₹8,000 करोड़ के ज्वैलरी बाजार में डायमंड ज्वैलरी की हिस्सेदारी करीब 11 प्रतिशत है, जबकि इंद्रिया के कारोबार में यह हिस्सा लगभग 22 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
बाजार में लैब-ग्रोन डायमंड का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इंद्रिया फिलहाल केवल नेचुरल डायमंड पर ही अपना पूरा ध्यान केंद्रित किए हुए है।
संदीप कोहली के अनुसार, ग्राहक किसी भी हीरे को खरीदते समय केवल उसके 4Cs (कट, कलर, क्लैरिटी और कैरेट) ही नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक चमक को भी प्राथमिकता देते हैं। कंपनी की नई Sparklescope तकनीक इसी अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विकसित की गई है।