पिछले एक साल में रिकॉर्ड तेजी दिखाने के बाद अब सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। जहां पहले इनकी कीमतें आसमान छू रही थीं, वहीं अब इनमें लगातार गिरावट से निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। दूसरी तरफ, आम खरीदारों के लिए यह स्थिति राहत भरी साबित हो रही है क्योंकि सोना-चांदी अब पहले की तुलना में सस्ते हो गए हैं।
सोने की कीमतों में लगातार गिरावट का ट्रेंड
हाल के दिनों में सोने के दामों में उतार-चढ़ाव के बाद अब गिरावट का दबाव साफ दिखाई दे रहा है। 24 जून, बुधवार को सोने की कीमतें गिरकर पिछले लगभग दो हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गईं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर रुख और डॉलर की मजबूती ने सोने पर दबाव बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी, डॉलर इंडेक्स में मजबूती और टेक सेक्टर के शेयरों में बिकवाली जैसे कारणों ने सोने की कीमतों को नीचे धकेला है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी
वैश्विक बाजारों में भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड में करीब 1.7% की गिरावट देखने को मिली, जिसके बाद यह लगभग 4100 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। एशियाई बाजारों में भी सोना 4080 डॉलर के आसपास ट्रेड करता नजर आया, जो पिछले दो हफ्तों का सबसे निचला स्तर है।
अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी कमजोरी का रुख देखने को मिला, जिससे बाजार में और दबाव बढ़ गया।
भारतीय वायदा बाजार (MCX) में बड़ी गिरावट
भारतीय मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
- सोने का अगस्त वायदा भाव करीब 1.22% गिरकर लगभग 1.44 लाख रुपये प्रति यूनिट पर पहुंच गया
- चांदी की कीमत में भी लगभग 1100 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई और यह 2.24 लाख रुपये के आसपास ट्रेड कर रही थी
पिछले एक सप्ताह में चांदी लगभग 26,000 रुपये तक सस्ती हो चुकी है, जबकि इसी अवधि में सोना करीब 8,100 रुपये तक गिरा है।
कीमतों में गिरावट की बड़ी वजहें
सोना-चांदी की कीमतों में इस तेज गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं:
- टेक्नोलॉजी और IT सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली
- AI आधारित कंपनियों के शेयरों में गिरावट के बाद निवेशकों की कैश जरूरत
- पोर्टफोलियो बैलेंस करने के लिए सोने की बिकवाली
- अमेरिकी अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी
- डॉलर का मजबूत होना, जिससे कमोडिटी बाजार पर दबाव
विश्लेषकों का कहना है कि जब शेयर बाजार में गिरावट आती है, तो निवेशक नकदी जुटाने के लिए सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों को बेचते हैं, जिससे इसकी कीमतों में और गिरावट देखने को मिलती है।
आगे क्या हो सकता है?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। अगर वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी रहती है, तो कीमतों में और दबाव देखा जा सकता है। वहीं, लंबी अवधि में यह गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर भी बन सकती है।
निष्कर्ष
सोना-चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट निवेशकों के लिए बड़ा झटका है, लेकिन आम लोगों के लिए यह खरीदारी का अच्छा मौका साबित हो सकती है। वैश्विक आर्थिक संकेतकों और शेयर बाजार की गतिविधियों पर अब इनकी कीमतों की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।