रात के समय ट्रेन में सफर करना आरामदायक जरूर होता है, लेकिन कई बार यात्रियों की छोटी-छोटी लापरवाहियां दूसरों के लिए परेशानी बन जाती हैं। इसी वजह से भारतीय रेलवे ने रात 10 बजे के बाद कुछ खास नियम तय किए हैं, जिन्हें “नाइट प्रोटोकॉल” कहा जाता है। इन नियमों का पालन न करने पर जुर्माना लग सकता है और जरूरत पड़ने पर RPF कार्रवाई भी कर सकती है। अगर आप भी अक्सर ट्रेन से यात्रा करते हैं, तो इन 6 जरूरी नियमों के बारे में जरूर जान लें।
1. रात में मोबाइल पर तेज आवाज करना पड़ सकता है भारी
कई लोग रात में मोबाइल पर रील्स देखने या गाने सुनने के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करते हैं, जिससे दूसरे यात्रियों की नींद खराब होती है। रेलवे नियमों के मुताबिक रात 10 बजे के बाद कोच में तेज आवाज में म्यूजिक सुनना या ऊंची आवाज में फोन पर बात करना मना है। शिकायत मिलने पर आपके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
2. रात 10 बजे के बाद बंद करनी होती हैं कोच की लाइटें
रेलवे के नियमों के अनुसार रात 10 बजे के बाद कोच की मुख्य लाइटें बंद कर दी जाती हैं और सिर्फ नाइट लाइट चालू रहती है। इसका मकसद यात्रियों को आरामदायक माहौल देना है। अगर कोई यात्री देर रात तक लाइट जलाकर रखता है और दूसरे यात्रियों को परेशानी होती है, तो शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
3. मिडिल बर्थ खोलने का तय समय
ट्रेन में मिडिल बर्थ को लेकर अक्सर विवाद देखने को मिलता है। रेलवे नियम कहता है कि मिडिल बर्थ रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ही इस्तेमाल की जा सकती है। यानी इससे पहले लोअर बर्थ पर बैठे यात्री को असुविधा नहीं पहुंचाई जा सकती। वहीं रात 10 बजे के बाद अगर कोई मिडिल बर्थ खोलने से रोकता है, तो यात्री TTE से मदद मांग सकता है।
4. देर रात TTE नहीं कर सकता परेशान
बहुत कम लोगों को पता है कि रेलवे ने टिकट चेकिंग को लेकर भी नियम बनाए हैं। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच TTE सामान्य यात्रियों को जगाकर टिकट चेक नहीं कर सकता। हालांकि यह नियम उन यात्रियों पर लागू नहीं होता जो रात 10 बजे के बाद ट्रेन में सवार हुए हों।
5. रात में शोर-शराबा करना नियमों के खिलाफ
अगर आप दोस्तों या परिवार के साथ सफर कर रहे हैं, तो रात में तेज आवाज में बातचीत या हंसी-मजाक दूसरों के लिए परेशानी बन सकता है। रेलवे एक्ट के तहत कोच में शांति बनाए रखना जरूरी है। यही वजह है कि रात 10 बजे के बाद स्टाफ और कैटरिंग कर्मियों को भी अनावश्यक शोर करने की अनुमति नहीं होती।
6. देर रात खाना मंगाने में हो सकती है दिक्कत
जो यात्री ई-कैटरिंग के जरिए खाना ऑर्डर करते हैं, उन्हें समय का खास ध्यान रखना चाहिए। रेलवे नियमों के अनुसार रात 10 बजे के बाद खाने की सर्विस सीमित हो जाती है और कई वेंडर्स डिलीवरी बंद कर देते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि रात 8 से 9 बजे के बीच ही अपना डिनर पूरा कर लें।
सफर आरामदायक बनाने के लिए नियमों का पालन जरूरी
रेलवे के ये नियम यात्रियों की सुविधा और आराम को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। अगर हर यात्री इन बातों का पालन करे, तो रात का सफर शांत, सुरक्षित और आरामदायक बन सकता है।