Train छूट गई तो कितनी देर तक आपकी रहती है सीट? जानिए रेलवे का नियम

Saroj kanwar
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भारतीय रेलवे में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं और ज्यादातर यात्रियों को लगता है कि एक बार टिकट कंफर्म हो जाए, तो सीट पूरी यात्रा के दौरान सिर्फ उनकी ही रहती है। लेकिन अगर आप ट्रेन छूटने से पहले अपनी सीट तक पहुंच ही नहीं पाए, तो क्या होगा? क्या आपकी सीट तुरंत किसी और को दे दी जाएगी? क्या टिकट अपने आप कैंसिल हो जाता है? ऐसे कई सवाल हैं जिनके जवाब हर रेल यात्री को पता होने चाहिए। आइए आसान भाषा में समझते हैं रेलवे के जरूरी नियम।

ट्रेन मिस होने पर क्या होता है?

जब आप रेलवे टिकट बुक करते हैं, चाहे वह IRCTC के जरिए हो या रेलवे काउंटर से, तब आपको एक Boarding Station चुनना होता है। रेलवे इसी स्टेशन को आपकी यात्रा शुरू करने का आधिकारिक पॉइंट मानता है।

अगर आप उसी स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाते और रेलवे को इसकी जानकारी भी नहीं देते, तो TTE आपकी सीट को खाली मान सकता है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि आपका टिकट तुरंत रद्द हो गया।

क्या TTE आपकी सीट किसी और को दे सकता है?

हां, रेलवे के नियमों के अनुसार TTE कुछ समय इंतजार करने के बाद आपकी सीट किसी दूसरे यात्री को अलॉट कर सकता है। लेकिन यह प्रक्रिया तुरंत नहीं होती।

अक्सर लोगों को लगता है कि ट्रेन छूटते ही सीट किसी और को दे दी जाती है, जबकि ऐसा नहीं है। रेलवे TTE को कुछ समय तक सीट खाली रखने का नियम देता है।

कितनी देर तक सुरक्षित रहती है आपकी सीट?

रेलवे नियमों के मुताबिक, अगर कोई यात्री अपने बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाता, तो TTE को अगले 2 स्टेशनों या करीब 1 घंटे तक सीट खाली रखनी होती है। जो भी पहले पूरा हो, वही नियम लागू माना जाता है।

इस दौरान यात्री अगले किसी स्टेशन से ट्रेन पकड़कर अपनी सीट का दावा कर सकता है।

कब ‘No Show’ माना जाता है यात्री?

अगर यात्री अगले दो स्टेशनों तक भी ट्रेन में नहीं पहुंचता, तो TTE उसे “No Show” यानी “Not Turn Up” मार्क कर सकता है। इसके बाद सीट वेटिंग लिस्ट वाले यात्री या RAC यात्री को दी जा सकती है।

क्या Boarding Point बदला जा सकता है?

जी हां, रेलवे यात्रियों को Boarding Point बदलने की सुविधा देता है। अगर आपको पहले से पता है कि आप किसी दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़ेंगे, तो समय रहते अपना Boarding Point अपडेट कर लेना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।

इससे आपकी सीट सुरक्षित रहती है और TTE को भी आपकी यात्रा की जानकारी मिल जाती है।

सेकंड चार्ट का क्या होता है रोल?

रेलवे ट्रेन रवाना होने से करीब 30 मिनट पहले Second Chart जारी करता है। इसमें अंतिम समय में खाली हुई सीटों और नए आवंटन की जानकारी अपडेट की जाती है।

अगर किसी यात्री की सीट खाली दिखाई देती है, तो उसी आधार पर सीट दूसरे यात्रियों को अलॉट की जा सकती है।

ट्रेन छूट जाए तो तुरंत क्या करें?

अगर आपकी ट्रेन मिस हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले ये जरूरी कदम उठाएं:

1. तुरंत TTE से संपर्क करें

अगर आप अगले स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकते हैं, तो TTE को तुरंत जानकारी दें।

2. Rail Madad App का इस्तेमाल करें

रेलवे की हेल्पलाइन और Rail Madad App के जरिए मदद ली जा सकती है।

3. TDR जरूर फाइल करें

अगर आप यात्रा नहीं कर पाए और रिफंड चाहते हैं, तो तुरंत ऑनलाइन TDR (Ticket Deposit Receipt) फाइल करें।

4. Boarding Point समय पर बदलें

अगर यात्रा किसी दूसरे स्टेशन से शुरू करनी है, तो आखिरी समय तक इंतजार न करें।

कनेक्टिंग ट्रेन छूट जाए तो क्या मिलेगा रिफंड?

अगर आपकी पहली ट्रेन लेट होने की वजह से दूसरी कनेक्टिंग ट्रेन छूट जाती है, तो रेलवे के नियमों के तहत आप रिफंड क्लेम कर सकते हैं। इसके लिए तय प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करना जरूरी होता है।

एक नजर में समझें रेलवे के जरूरी नियम

सवालरेलवे का नियम
ट्रेन छूटने पर टिकट तुरंत कैंसिल होता है?नहीं
क्या TTE सीट किसी और को दे सकता है?हां
सीट कब तक सुरक्षित रहती है?अगले 2 स्टेशन या 1 घंटे तक
Boarding Point बदला जा सकता है?हां
सीट बचाने का सबसे आसान तरीका?Boarding Point पहले से अपडेट करें

रेलवे के ये नियम जानना हर यात्री के लिए बेहद जरूरी है। थोड़ी सी जानकारी आपको सीट खोने, परेशानी और पैसे के नुकसान से बचा सकती है।

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