8वें वेतन आयोग और भत्तों से जुड़े मुद्दों के बीच सरकार की ओर से पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। कैबिनेट सेक्रेटरी की अध्यक्षता में हुई NC-JCM की उच्च स्तरीय बैठक में 2004 में अनुकंपा के आधार पर भर्ती हुए कर्मचारियों से जुड़े मामले पर चर्चा हुई, जिसके बाद एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इससे एक खास श्रेणी के कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
OPS का लाभ देने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार के नए फैसले के तहत उन कर्मचारियों को OPS के दायरे में शामिल करने पर सहमति बनी है, जिनकी नियुक्ति 2004 में अनुकंपा के आधार पर हुई थी। 8th Pay Commission
किन कर्मचारियों को फायदा मिलेगा?
नए प्रावधान के मुताबिक, यह राहत केवल उन्हीं मामलों में लागू होगी जहां कर्मचारी की मृत्यु 22 दिसंबर 2003 (NPS अधिसूचना से पहले) हुई हो। साथ ही, जिन आश्रितों ने 2003 में ही अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन कर दिया था, लेकिन प्रशासनिक देरी के कारण उन्हें 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्ति मिली—उन्हें OPS का लाभ दिया जाएगा।
इसके लिए यह भी जरूरी होगा कि संबंधित उम्मीदवार ने सभी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तें पूरी की हों।
जल्द जारी हो सकता है आदेश
जानकारी के अनुसार, इस फैसले पर औपचारिक आदेश अगले एक सप्ताह के भीतर जारी किए जाने की संभावना है।
कर्मचारियों की दलील क्या रही?
कर्मचारी संगठनों ने तर्क दिया कि यदि कर्मचारी की मृत्यु 2003 में हुई और आवेदन भी उसी समय जमा कर दिया गया था, तो केवल प्रशासनिक देरी की वजह से परिवार को नुकसान क्यों हो। उनका कहना है कि 1 जनवरी 2004 से लागू NPS के कारण ऐसे कई परिवार OPS से वंचित रह गए थे। अब सरकार के इस कदम से उन्हें राहत मिल सकती है।
फैमिली पेंशन को लेकर नई मांग
बैठक में कर्मचारी यूनियनों ने यह भी मांग रखी कि परिवार की परिभाषा को विस्तारित किया जाए और आश्रित विधवा बहू को भी फैमिली पेंशन के दायरे में शामिल किया जाए। इस पर कैबिनेट सेक्रेटरी ने गंभीरता दिखाते हुए DoPT को निर्देश दिया है कि वह कानून मंत्रालय के साथ मिलकर इस प्रस्ताव की समीक्षा करे।