8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों की हो जाएगी बल्ले-बल्ले! हेल्पर से JE और सीनियर मैनेजर तक सैलरी में होगा बड़ा उछाल

Saroj kanwar
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रेलवे के जूनियर इंजीनियर (JE), सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE), असिस्टेंट मैनेजर और अन्य तकनीकी पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग बड़े बदलाव लेकर आ सकता है। अगर इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर एसोसिएशन (IRTSA) की सिफारिशों को मंजूरी मिलती है, तो लाखों कर्मचारियों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है। संगठन ने न्यूनतम बेसिक वेतन ₹52,000 तय करने, फिटमेंट फैक्टर को 4.38 तक बढ़ाने, HRA में सुधार और पुरानी पेंशन योजना लागू करने जैसी प्रमुख मांगें रखी हैं। इससे कई कर्मचारियों की सैलरी मौजूदा स्तर से दोगुनी या उससे भी ज्यादा हो सकती है।


न्यूनतम वेतन ₹52,000 करने का प्रस्ताव

IRTSA की सबसे अहम मांग न्यूनतम बेसिक पे को ₹52,000 तक बढ़ाने की है। इसके साथ ही अलग-अलग पे लेवल के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर भी सुझाया गया है।

प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर:

  • L-1 से L-5: 2.92
  • L-6 से L-8: 3.50
  • L-9 से L-12: 3.80
  • L-13 से L-16: 4.09
  • L-17 और L-18: 4.38

रेलवे में पे-लेवल के अनुसार पद

  • लेवल-2: तकनीशियन ग्रेड-3 / हेल्पर
  • लेवल-3: तकनीशियन ग्रेड-2
  • लेवल-4: तकनीशियन ग्रेड-1
  • लेवल-5: सीनियर तकनीशियन / चीफ तकनीशियन
  • लेवल-6: जूनियर सुपरवाइजर / डिपो मैटेरियल सुपरिटेंडेंट
  • लेवल-7: जूनियर इंजीनियर (JE)
  • लेवल-8: सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE)
  • लेवल-9: असिस्टेंट मैनेजर (ग्रुप-B)
  • लेवल-10: मैनेजर / असिस्टेंट डिविजनल इंजीनियर
  • लेवल-11: सीनियर मैनेजर (ग्रुप-A)
  • लेवल-12: डिप्टी चीफ इंजीनियर / डिप्टी मैनेजर
  • लेवल-13: जॉइंट चीफ इंजीनियर / सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारी
  • लेवल-14: एडिशनल चीफ इंजीनियर / सीनियर एग्जीक्यूटिव अधिकारी
  • लेवल-15: चीफ इंजीनियर / प्रमुख विभागीय अधिकारी
  • लेवल-16: प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर / जनरल मैनेजर स्तर
  • लेवल-17: रेलवे बोर्ड सदस्य / शीर्ष स्तर अधिकारी

संभावित सैलरी में बढ़ोतरी

अगर IRTSA की मांगें स्वीकार कर ली जाती हैं, तो कई लेवल पर बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है:

  • L-1: ₹18,000 → लगभग ₹52,000
  • L-6: ₹35,400 → लगभग ₹1.23 लाख
  • L-7 (JE): ₹44,900 → लगभग ₹1.57 लाख
  • L-8 (SSE): ₹47,600 → लगभग ₹1.66 लाख
  • L-10: ₹56,100 → लगभग ₹2.13 लाख
  • L-13: ₹1,23,100 → लगभग ₹5 लाख
  • L-17: ₹2,25,000 → लगभग ₹9.85 लाख

हालांकि, यह सभी आंकड़े संभावित हैं और अंतिम निर्णय सरकार तथा वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा।


HRA में बदलाव का प्रस्ताव

संगठन ने हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की दरों में भी बढ़ोतरी की मांग की है और शहरों को चार श्रेणियों में बांटने का सुझाव दिया है:

  • A श्रेणी शहर: 40% + DA
  • B श्रेणी शहर: 30% + DA
  • C श्रेणी शहर: 20% + DA
  • D श्रेणी शहर: 10% + DA

उनका कहना है कि महानगरों में बढ़ते खर्च को देखते हुए HRA बढ़ाना जरूरी है।


ट्रांसपोर्ट और नाइट ड्यूटी अलाउंस

IRTSA ने ट्रांसपोर्ट अलाउंस को तीन गुना करने की मांग रखी है। साथ ही नाइट ड्यूटी अलाउंस की अधिकतम सीमा हटाने का भी सुझाव दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को उनके काम के अनुसार उचित लाभ मिल सके।


करियर ग्रोथ और MACP पर सुझाव

संगठन का प्रस्ताव है कि कर्मचारियों को 30 साल की सेवा अवधि में 5 बार MACP का लाभ मिले। इसके लिए 6, 12, 18, 24 और 30 साल की समयसीमा तय करने की बात कही गई है। साथ ही JE और SSE की ट्रेनिंग अवधि को भी इस गणना में शामिल करने की मांग है।


पुरानी पेंशन योजना (OPS) की मांग

रेलवे तकनीकी कर्मचारियों ने एक बार फिर OPS बहाली की मांग उठाई है। उनका कहना है कि 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए। इसके साथ ही NPS और UPS व्यवस्था को खत्म करने की भी सिफारिश की गई है।


कार्य घंटे और ग्रेच्युटी पर सुझाव

IRTSA ने सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम तय करने की मांग की है। साथ ही रिटायरमेंट और डेथ ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाकर ₹50 लाख करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। संगठन का तर्क है कि रेलवे तकनीकी कर्मचारी जिम्मेदार और जोखिम भरे काम करते हैं, इसलिए उन्हें बेहतर वेतन और सुविधाएं मिलनी चाहिए।

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