ट्रंप की धमकी पर गरमाया ईरान–अमेरिका तनाव: क्या अब भी ईरान के पास हथियारों का बड़ा जखीरा?

Saroj kanwar
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ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अमेरिका और इज़रायल को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर इस्लामिक गणराज्य पर दोबारा सैन्य हमले किए गए, तो संघर्ष केवल मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। गार्ड्स ने वॉशिंगटन और तेल अवीव को सीधे संदेश देते हुए दावा किया कि ईरान के “विनाशकारी हमले” विरोधियों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।

अपडेट (20 मई 2026, 4:03 PM)
“US-Iran War News: ट्रंप ने फिर से हमले शुरू किए तो…” शीर्षक वाली रिपोर्ट में बताया गया है कि क्या ईरान के पास अभी भी पर्याप्त सैन्य क्षमता मौजूद है, और इसी बीच अमेरिका को तीखी चेतावनी दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, IRGC ने दोहराया कि ईरान पर किसी भी नए हमले की स्थिति में जवाब इतना बड़ा होगा कि उसका असर पूरे क्षेत्र से आगे तक महसूस किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच करीब 40 दिनों के संघर्ष के बाद 8 अप्रैल से लागू अस्थायी और कमजोर संघर्ष-विराम के बावजूद तनाव फिर तेजी से बढ़ रहा है।

गार्ड्स के बयान में कहा गया, “अगर आक्रामकता दोबारा हुई, तो जिस क्षेत्रीय युद्ध की आशंका जताई जा रही है, वह इस क्षेत्र से भी बाहर फैल जाएगा और हमारे जवाबी हमले दुश्मनों को कुचल देंगे।” इसे सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया टिप्पणियों का जवाब माना जा रहा है, जिनमें उन्होंने संकेत दिया था कि यदि ईरान के साथ बातचीत विफल होती है, तो सैन्य कार्रवाई फिर शुरू हो सकती है।

ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी कहा कि ईरान के पास समझौते के लिए सीमित समय बचा है। वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत में प्रगति हो रही है, लेकिन यदि कूटनीति असफल होती है तो अमेरिका पूरी तरह तैयार है।

ईरान की ओर से दावा किया गया है कि उसने अब तक अपनी पूरी सैन्य क्षमता का उपयोग नहीं किया है। एक बयान में कहा गया कि अमेरिका और इज़रायल ने अपनी सबसे शक्तिशाली सैन्य क्षमता का उपयोग करने के बावजूद ईरान की पूरी ताकत को अभी तक सामने नहीं देखा है।

लगभग 40 दिनों तक चले संघर्ष में भारी तबाही का दावा किया गया, जिसमें इज़रायल और अमेरिका के हमलों में ईरान के वरिष्ठ सैन्य और राजनीतिक नेताओं के मारे जाने की बात भी सामने आई। इसके जवाब में ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन से लगातार जवाबी हमले किए, जिनमें इज़रायल और खाड़ी क्षेत्र से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चेतावनी दी कि यदि युद्ध दोबारा शुरू होता है तो परिस्थितियाँ और भी अप्रत्याशित और गंभीर हो सकती हैं। सेना ने भी संकेत दिए हैं कि नए संघर्ष की स्थिति में अमेरिका के खिलाफ नए मोर्चे खोले जा सकते हैं।

ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया के अनुसार, यदि दुश्मन दोबारा हमला करने की गलती करता है, तो ईरान नई रणनीतियों और नए हथियारों के साथ जवाब देगा और कई मोर्चों पर संघर्ष शुरू कर देगा।

इस बीच क्षेत्र में तनाव बढ़ने के कारण व्यापक क्षेत्रीय युद्ध की आशंका भी गहराती जा रही है।

अमेरिका के नुकसान का दावा

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 28 फरवरी को शुरू किए गए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान अमेरिका के कम से कम 42 सैन्य विमान या तो नष्ट हो गए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए।

इनमें एफ-15E, एफ-35A, A-10, KC-135 टैंकर विमान, E-3 सेंट्री AWACS, MC-130J, HH-60W हेलीकॉप्टर और कई MQ-9 व MQ-4C ड्रोन शामिल बताए गए हैं।

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