देशभर में इन दिनों भीषण गर्मी और हीटवेव का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। कई इलाकों में गर्म हवाएं और चिलचिलाती धूप लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर रही हैं। दिल्ली-एनसीआर समेत कई शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, जिससे सामान्य लोगों के साथ-साथ बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए भी खतरा बढ़ गया है।
डॉक्टर्स का कहना है कि ज्यादा गर्मी सिर्फ थकान और डिहाइड्रेशन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह पहले से बीमार लोगों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है। खासतौर पर हार्ट, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, सांस और किडनी से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
हार्ट मरीजों के लिए बढ़ सकता है खतरा
लखनऊ स्थित मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी विभाग के प्रमुख डॉ. लोकेंद्र गुप्ता के अनुसार, अत्यधिक गर्मी और लू सभी के लिए नुकसानदायक है, लेकिन हार्ट पेशेंट्स के लिए यह और भी खतरनाक हो जाती है। गर्म मौसम में शरीर को तापमान नियंत्रित करने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे दिल की धड़कन तेज हो सकती है और शरीर में पानी की कमी बढ़ जाती है।
जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी, हार्ट फेलियर या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उनमें हीट स्ट्रेस के कारण सीने में दर्द, सांस फूलना और कमजोरी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। गंभीर स्थितियों में हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ सकता है।
अस्थमा और सांस के मरीज रहें सावधान
डॉक्टर्स के मुताबिक, अस्थमा और अन्य सांस संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों को भी गर्मी के मौसम में विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। तेज गर्म हवाएं श्वसन तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। इसके साथ ही धूल और प्रदूषण मिलकर स्थिति को और बिगाड़ देते हैं।
ऐसे मरीजों में खांसी, सांस लेने में कठिनाई और सीने में जकड़न जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए उन्हें धूप और गर्म हवाओं से बचने के साथ-साथ अपनी जरूरी दवाइयां हमेशा साथ रखनी चाहिए।
डायबिटीज मरीजों के लिए डिहाइड्रेशन का खतरा
गर्मी के मौसम में डायबिटीज के मरीजों को भी अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत होती है। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) तेजी से हो सकती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल असंतुलित हो सकता है। इसके कारण कमजोरी, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
कुछ मामलों में अत्यधिक गर्मी इंसुलिन और अन्य दवाओं के असर को भी प्रभावित कर सकती है। इसलिए डायबिटीज मरीजों को नियमित रूप से पानी पीते रहना चाहिए और समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच करनी चाहिए।
निष्कर्ष
भीषण गर्मी और हीटवेव का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे में खासकर हार्ट, अस्थमा और डायबिटीज के मरीजों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। सही सावधानी और समय पर देखभाल से इन जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।