हाल ही में दुनिया भर में डर और अस्थिरता का माहौल देखा जा रहा है। एक तरफ हंटावायरस और इबोला जैसे खतरनाक वायरस को लेकर चर्चाएं तेज हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर ईरान और अमेरिका से जुड़ी तनावपूर्ण खबरों ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक और नया खतरा तेजी से फैल रहा है—फर्जी “लॉकडाउन नोटिस” स्कैम।
WhatsApp पर वायरल हुआ फर्जी लॉकडाउन नोटिस
पीएम मोदी के हालिया संबोधन के बाद WhatsApp और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर “Lockdown Notice” नाम से कई संदेश तेजी से शेयर किए जा रहे हैं। इन मैसेजों के साथ एक पीडीएफ फाइल भी भेजी जा रही है, जिसे आधिकारिक सरकारी आदेश बताकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।
स्कैम कैसे कर रहा है लोगों को टारगेट?
साइबर अपराधी इस तरह के फर्जी नोटिस का इस्तेमाल करके लोगों को डराने और उनकी निजी जानकारी चुराने की कोशिश कर रहे हैं। जैसे ही कोई यूजर इस संदिग्ध पीडीएफ फाइल को खोलता है या दिए गए लिंक पर क्लिक करता है, उसके फोन या डिवाइस में हैकिंग का खतरा बढ़ सकता है।
बढ़ती अफवाहों से बढ़ा साइबर खतरा
वैश्विक स्तर पर चल रही घटनाओं और महामारी से जुड़ी चर्चाओं के बीच इस तरह की अफवाहें और भी तेजी से फैल रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मैसेज लोगों की घबराहट का फायदा उठाकर फैलाए जाते हैं और इनका मकसद केवल धोखाधड़ी और साइबर क्राइम होता है।
कैसे रहें सुरक्षित?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी अनजान मैसेज, लिंक या पीडीएफ फाइल पर भरोसा न करें। खासकर “सरकारी आदेश” या “लॉकडाउन नोटिस” जैसे संदेशों की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। संदिग्ध फाइल डाउनलोड करने से बचें और ऐसी किसी भी गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करें।
निष्कर्ष
फर्जी लॉकडाउन नोटिस जैसे साइबर स्कैम तेजी से फैल रहे हैं और लोगों को भ्रमित करने के लिए डर का माहौल बनाया जा रहा है। ऐसे में जागरूक रहना और सही जानकारी पर भरोसा करना ही सबसे बड़ा बचाव है।