केंद्रीय कर्मचारियों की बैठक में 8वें वेतन आयोग, OPS समेत कई मांगों पर जोर

Saroj kanwar
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केंद्र सरकार के कर्मचारियों की 49वीं वार्षिक बैठक में कर्मचारियों से जुड़े कई अहम मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया गया। बैठक में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, बढ़ते कानूनी मामलों, प्रमोशन नियमों में सुधार और विभागों में कर्मचारियों की कमी पर विस्तार से चर्चा हुई। संगठन ने सरकार से न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी, OPS लागू करने, लंबित मामलों का जल्द समाधान करने और खाली पदों पर तेजी से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।


केंद्र सरकार के कर्मचारियों की 49वीं वार्षिक बैठक में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह बैठक 11 मई 2026 को कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें NC-JCM (नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) के कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखीं।

बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा 8वें वेतन आयोग को लेकर हुई। कर्मचारी संगठनों ने मांग की कि आयोग की सिफारिशें जल्द लागू की जाएं ताकि बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों को राहत मिल सके। यूनियनों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने, फिटमेंट फैक्टर में सुधार और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग भी उठाई। कई संगठनों ने कहा कि मौजूदा वेतन ढांचा कर्मचारियों की जरूरतों के अनुरूप नहीं है।

पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली भी बैठक का बड़ा मुद्दा रही। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग की कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के बजाय OPS को फिर से लागू किया जाए, क्योंकि इससे कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अधिक सुरक्षित और स्थिर पेंशन मिलती है। कुछ कर्मचारी संगठनों ने NPS कर्मचारियों को OPS चुनने का विकल्प देने की भी मांग रखी।

बैठक में कर्मचारियों से जुड़े बढ़ते कोर्ट केसों पर भी चिंता जताई गई। यूनियनों ने कहा कि प्रमोशन, वेतन विसंगति और सेवा नियमों से जुड़े हजारों मामले अदालतों में लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों को मानसिक और आर्थिक परेशानी हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि विभागीय स्तर पर ही विवादों का समाधान किया जाए ताकि कोर्ट केस कम हों।

प्रमोशन नियमों में सुधार और खाली पदों पर भर्ती का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया गया। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि कई विभागों में लंबे समय से पद खाली पड़े हैं, जिससे मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने नियमित भर्ती अभियान चलाने और समय पर पदोन्नति देने की मांग की।

बैठक में CGHS मेडिकल सुविधाओं, कर्मचारियों के सेवा नियमों में सुधार, विभागीय परिषदों को मजबूत बनाने और शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कर्मचारी संगठनों ने सरकार से कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए तेज और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए।

इस बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह ऐसे समय हुई है जब 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया तेज हो रही है और विभिन्न कर्मचारी संगठन लगातार अपनी मांगें सरकार और आयोग के सामने रख रहे हैं।

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