पश्चिम बंगाल की ताज़ा कैबिनेट बैठक में महिलाओं को लेकर दो बड़े फैसले लिए गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ये फैसले नई सरकार (मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली) की दूसरी कैबिनेट मीटिंग में हुए।
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में लगातार महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के लोगों के हित में कई बड़ी घोषणाओं पर मुहर लगाई गई। इन फैसलों में महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना से लेकर मुफ्त बस यात्रा और कर्मचारियों के वेतन आयोग तक कई अहम कदम शामिल हैं।
महिलाओं के लिए ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फैसला ‘अन्नपूर्णा योजना’ को मंजूरी देना रहा। राज्य सरकार के अनुसार इस योजना के तहत महिलाओं को 1 जून 2026 से हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह कदम महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा
सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि 1 जून से राज्य की सरकारी बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को सुलभ और सस्ती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना बताया गया है।
सातवें राज्य वेतन आयोग को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में राज्य के कर्मचारियों के लिए भी राहत भरा फैसला लिया गया है। सरकार ने अपने कर्मचारियों, संबद्ध वैधानिक निकायों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए सातवें राज्य वेतन आयोग (7th Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
बैठक में यह भी तय किया गया कि धार्मिक वर्गीकरण के आधार पर दी जाने वाली सरकारी सहायता को जून से बंद किया जाएगा। इसके अलावा सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले और मतदाता सूची से जुड़े मामलों के लिए गठित न्यायाधिकरणों के सदस्यों को भी ‘अन्नपूर्णा योजना’ का लाभ मिलेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ओबीसी आरक्षण से जुड़े मामलों में हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
विकास योजनाओं पर फोकस
राज्य सरकार ने पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए नए इलेक्ट्रिक बसों को शामिल करने की योजना बनाई है। साथ ही यह भी तय किया गया है कि अब से हर 15 दिन में कैबिनेट बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि शासन प्रक्रिया को और तेज और प्रभावी बनाया जा सके।
इन फैसलों को राज्य में सामाजिक कल्याण, प्रशासनिक सुधार और विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।