हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई थी। लेकिन दिन के दूसरे हिस्से में बाजार ने मजबूत वापसी की और आखिरकार दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। सेंसेक्स अपने निचले स्तर से करीब 1100 अंक की तेजी के साथ 75,315.04 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी सुधार दिखाते हुए 23,649.95 के स्तर पर पहुंच गया। इस शानदार रिकवरी ने निवेशकों को राहत दी और बाजार में भरोसा फिर से मजबूत होता नजर आया।
पूरे दिन जारी रहा तेज उतार-चढ़ाव
कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लगभग 1.3% तक फिसल गए थे। इससे पहले लगातार छह सत्रों में बाजार करीब 3.5% से 4% तक टूट चुका था, जिससे निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल बन गया था। हालांकि जैसे ही सूचकांक निचले स्तरों पर पहुंचे, वहां से खरीदारी तेज हो गई और बाजार ने तेजी से वापसी कर ली। विशेषज्ञों का मानना है कि कई निवेशकों ने इस गिरावट को खरीदारी का बेहतर अवसर माना।
आईटी और फार्मा सेक्टर ने दिखाई मजबूती
बाजार की इस रिकवरी में आईटी सेक्टर की अहम भूमिका रही। टेक महिंद्रा के शेयरों में 3% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। वहीं इंफोसिस, विप्रो और HCL टेक्नोलॉजीज जैसे बड़े आईटी शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। फार्मा सेक्टर में ग्लैंड फार्मा के शेयरों में 13% से अधिक की जोरदार तेजी रही, जिसका कारण कंपनी के बेहतर मुनाफे के आंकड़े बताए जा रहे हैं।
मेटल और बैंकिंग शेयरों में दबाव
जहां एक तरफ कुछ सेक्टरों ने बाजार को सहारा दिया, वहीं मेटल और बैंकिंग शेयरों में कमजोरी ने दबाव बनाए रखा। टाटा स्टील के शेयर लगभग 5% तक गिर गए, क्योंकि कंपनी के तिमाही नतीजे बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा पावर ग्रिड, हिंदाल्को और कुछ वित्तीय कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में रिकवरी के पीछे क्या कारण रहे?
- लगातार गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार को सपोर्ट मिला।
- निफ्टी को 23,300–23,400 के मजबूत तकनीकी सपोर्ट जोन से सहारा मिला, जिसके बाद तेजी देखने को मिली।
- अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों ने वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया।
आगे बाजार की दिशा कैसी रह सकती है?
मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं और विदेशी निवेश का प्रवाह जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए निवेशकों को आगे भी उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहने की सलाह दी जा रही है।