आठवां वेतन आयोग: आज का दिन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सोमवार को आठवें वेतन आयोग की बैठक होनी है, जिसमें कुछ अहम फैसले लिए जा सकते हैं। इस बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, वेतन निर्धारण और महंगाई भत्ता (डीए) में बढ़ोतरी से संबंधित चर्चा होने की संभावना है।
यह व्यापक रूप से माना जा रहा है कि आयोग इस बैठक में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय ले सकता है। आठवें वेतन आयोग को 18 महीनों के भीतर कर्मचारियों के वेतन संबंधी सिफारिशें प्रस्तुत करनी हैं। सरकार इन्हीं सिफारिशों के आधार पर वेतन वृद्धि संबंधी निर्णय लेगी। हालांकि, बैठक में लिए जाने वाले विशिष्ट निर्णयों के बारे में अभी तक कोई ठोस आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
आज होने वाली बैठक
आज, 13 अप्रैल, 2026 को राष्ट्रीय संयुक्त परामर्शदात्री परिषद (एनसी-जेसीएम) की मसौदा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें वेतन वृद्धि से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। यह बैठक सुबह 11:00 बजे जेपी चौबे मेमोरियल लाइब्रेरी (एआईआरएफ कार्यालय) में होगी।
इस बैठक के दौरान, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न संगठनों द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किए गए एक “साझा ज्ञापन” को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस ज्ञापन में वेतनमान, वार्षिक वेतन वृद्धि, भत्ते और अन्य लाभों से संबंधित प्रस्ताव शामिल होंगे।
जानिए 8वें वेतन आयोग के लागू होने की संभावित तिथि।
8वें वेतन आयोग की पहली बैठक 12 मार्च, 2026 को हुई थी, जिसमें सभी प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा की गई थी। आज की बैठक—13 अप्रैल—में इन मुद्दों को अंतिम रूप दिए जाने और वेतन आयोग के समक्ष औपचारिक रूप से प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल, सरकार ने 8वें वेतन आयोग के तहत वेतन वृद्धि की प्रभावी तिथि की घोषणा नहीं की है। हालांकि, कर्मचारी संगठन मांग कर रहे हैं कि वेतन वृद्धि 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी मानी जाए और उसी आधार पर बकाया राशि का भुगतान किया जाए।
आज की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है
बता दें कि केंद्र सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि 8वें वेतन आयोग का गठन काफी पहले इसलिए किया गया था ताकि सभी सिफारिशों को सावधानीपूर्वक तैयार किया जा सके और कार्यान्वयन प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अनावश्यक जल्दबाजी से बचा जा सके। कुल मिलाकर, 13 अप्रैल को होने वाली आज की बैठक अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे कर्मचारियों के लिए संभावित वेतन वृद्धि की सीमा स्पष्ट हो सकती है।