नई दिल्ली: हर कोई ऐसी जगह निवेश करने का सपना देखता है जहाँ उसका पैसा सुरक्षित रहे और भविष्य में अच्छा प्रतिफल भी मिले। इसे हासिल करने के लिए लोग कई रास्ते तलाशते हैं। हालांकि, लालच में आकर कुछ लोग अविश्वसनीय संस्थाओं में अपना पैसा जमा कर देते हैं और धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। आज के बदलते दौर में, निवेश करने से पहले पूरी जानकारी जुटा लेना ही समझदारी है।
भारत में कई ऐसी योजनाएँ उपलब्ध हैं जहाँ लोग बिना किसी परेशानी के निवेश कर अच्छा प्रतिफल प्राप्त कर सकते हैं। हम आपको कुछ ऐसी विशेष योजनाओं के बारे में भी बताने जा रहे हैं जो आपको कर संबंधी जटिलताओं से बचाने में मदद करेंगी। इसका मतलब है कि निवेश की गई मूल राशि, उस पर अर्जित ब्याज और परिपक्वता पर मिलने वाली राशि—ये तीनों ही पूरी तरह से कर मुक्त रहेंगी।
पीपीएफ योजना: एक उत्कृष्ट विकल्प
केंद्र सरकार की सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) योजना न केवल अत्यधिक लाभकारी है, बल्कि निवेश का एक भरोसेमंद साधन भी है। इस योजना के तहत, कोई भी व्यक्ति प्रतिवर्ष न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख का निवेश कर सकता है। इसमें 15 वर्षों की लॉक-इन अवधि है।
इस अवधि को पांच-पांच वर्षों के अंतराल में आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, पीपीएफ निवेश पर अर्जित ब्याज पूरी तरह से कर-मुक्त रहता है। वर्तमान में, इस योजना पर 7.1% की वार्षिक ब्याज दर की पेशकश की जा रही है।
बेटियों के लिए एक विशेष योजना
केंद्र सरकार द्वारा संचालित सुकन्या समृद्धि योजना एक असाधारण योजना है। यह बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस योजना के तहत, 10 वर्ष की आयु तक की बालिका के नाम पर खाता खोला जा सकता है। इस खाते में प्रति वर्ष ₹250 से ₹1.5 लाख तक का निवेश किया जा सकता है।
वर्तमान में, इस योजना पर 8.2% की वार्षिक ब्याज दर मिलती है। 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर, खाताधारक उच्च शिक्षा के लिए संचित राशि का 50% तक निकाल सकता है। इस योजना की परिपक्वता अवधि 21 वर्ष है।
इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम: एक और बेहतरीन विकल्प
केंद्र सरकार की इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ईएलएसएस) एक और बेहतरीन निवेश विकल्प है। यह निवेशकों के लिए एक शानदार विकल्प है। यदि आप शेयरों में निवेश करने के साथ-साथ करों की बचत करना चाहते हैं, तो इस अवसर को न चूकें। इस योजना में तीन साल की लॉक-इन अवधि है—जो उपलब्ध विकल्पों में सबसे कम है।