कैशलेस चिकित्सा उपचार: राज्य सरकार का बड़ा निर्णय। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। सोमवार को गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि राज्य सरकार मान्यता प्राप्त पत्रकारों को कैशलेस स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य पत्रकारों की सुरक्षा और सुविधा को बढ़ाना है, जिससे वे बिना किसी चिंता के अपना काम कर सकें।
पत्रकारों को पहचान और सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि वास्तविक और जिम्मेदार पत्रकारों को मान्यता प्रमाण पत्र और पहचान पत्र दिए जाएंगे। इससे उनकी पहचान स्पष्ट होगी और उन्हें कहीं भी काम करते समय किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। इसके अलावा, इससे सरकार को इन पत्रकारों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में भी आसानी होगी।
कैशलेस स्वास्थ्य सेवा की तैयारी
मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि पत्रकार अक्सर समाज के लिए आवाज़ उठाते हैं, लेकिन जब उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, खासकर स्वास्थ्य संकट के दौरान, तो मदद के लिए बहुत कम लोग आगे आते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार उन्हें नकद भुगतान रहित उपचार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखती है। गोरखपुर में प्रेस क्लब के माध्यम से इसके लिए एक व्यवस्था स्थापित की गई है।
सभी प्रकार के पत्रकारों को एकजुट करने की योजना
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रमुख मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों को कुछ लाभ मिलते हैं, फिर भी आबादी का एक बड़ा हिस्सा इन लाभों से वंचित रह जाता है। सरकार सभी पत्रकारों को एक मंच पर एकजुट करने और एक बेहतर व्यवस्था विकसित करने के लिए काम कर रही है ताकि सभी को समान लाभ मिल सकें।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि यह वर्ष हिंदी पत्रकारिता के लिए महत्वपूर्ण है। पहला हिंदी समाचार पत्र, “उदंत मार्तंड”, 30 मई, 1826 को प्रकाशित हुआ था। तब से पत्रकारिता ने लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।