वाद: श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (SLC) द्वारा NOC देने से इनकार किए जाने के बाद नुवान थुशारा ने अदालत का रुख अपनाकर सबको चौंका दिया है। बोर्ड ने फिटनेस टेस्ट में 29 में से केवल 17 अंक प्राप्त करने के कारण उन्हें IPL में खेलने से रोक दिया था। इसके जवाब में, थुशारा ने कोलंबो जिला न्यायालय में एक मजबूत और सफल याचिका दायर की। IPL का 19वां सीजन 28 मार्च को शुरू हो चुका है, लेकिन RCB का यह दमदार खिलाड़ी श्रीलंका में अपनी कानूनी लड़ाई सफलतापूर्वक लड़ रहा है और अपनी जादुई गेंदबाजी से सड़कों से लेकर स्टेडियमों तक RCB प्रशंसकों का दिल जीत रहा है।
नुवान थुशारा अदालत में पेश हुए
श्रीलंका क्रिकेट ने आईपीएल 2026 के लिए अपने खिलाड़ियों के लिए फिटनेस टेस्ट पास करना अनिवार्य कर दिया था, लेकिन नुवान थुशारा इसमें असफल रहे, जिसके चलते बोर्ड ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रमाण पत्र (एनओसी) देने से इनकार कर दिया। नुवान थुशारा ने इस कठोर निर्णय के खिलाफ कोलंबो जिला न्यायालय में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने तर्क दिया है कि श्रीलंका क्रिकेट के साथ उनका आधिकारिक अनुबंध 31 मार्च, 2026 को समाप्त हो गया है और वे इसे आगे बढ़ाने के इच्छुक नहीं हैं।
गेंदबाज का तर्क है कि चूंकि वे अब बोर्ड के केंद्रीय अनुबंध का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए बोर्ड के पास उनका एनओसी रोकने का कोई ठोस अधिकार नहीं है। उन्होंने अदालत में यह भी तर्क दिया कि उनकी फिटनेस का स्तर वही है और बोर्ड ने पिछले सीजन में भी उन्हें इसी फिटनेस स्तर के साथ खेलने की अनुमति दी थी, जिससे श्रीलंका क्रिकेट का मौजूदा रवैया पूरी तरह से भेदभावपूर्ण प्रतीत होता है।
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अंतरात्मा से संन्यास की धमकी
एनओसी न मिलने से नाराज नुवान थुशारा ने श्रीलंका क्रिकेट को औपचारिक रूप से सूचित किया है कि वे अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने पर विचार कर रहे हैं, जो श्रीलंका के तेज गेंदबाजी विभाग के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है। गेंदबाज का मानना है कि बोर्ड उनकी फिटनेस को लेकर सिर्फ बहाने बना रहा है ताकि उन्हें आईपीएल लीग में खेलने से रोका जा सके, जबकि वे पूरी तरह से फिट हैं और हाल ही में घरेलू टी20 मैचों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है।
रिहाई की धमकी को बोर्ड पर दबाव बनाने की एक कारगर रणनीति के रूप में देखा जा रहा है ताकि बोर्ड उनके आईपीएल करियर में कोई बड़ी बाधा न डाले और उन्हें आरसीबी में शामिल होने की अनुमति दे। अगर श्रीलंका क्रिकेट अपनी बात पर अड़ा रहता है, तो थुशारा का अंतरराष्ट्रीय करियर अचानक समय से पहले खत्म हो सकता है, जो क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बिल्कुल भी अच्छी खबर नहीं होगी।
9 अप्रैल को सुनवाई
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) ने नुवान तुशारा को उनकी जादुई गेंदबाजी शैली के कारण आईपीएल 2026 के लिए टीम में बरकरार रखा है, लेकिन उनकी अनुपस्थिति टीम की गेंदबाजी पंक्ति को काफी प्रभावित कर रही है। कोलंबो जिला न्यायालय में इस महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई 9 अप्रैल को होनी है, जहां यह फैसला सुनाया जाएगा कि तुशारा भारत आ सकेंगे या नहीं। आरसीबी का मजबूत प्रबंधन इस सुनवाई पर पैनी नजर रखे हुए है, क्योंकि डेथ ओवरों में तुशारा का शानदार योगदान टीम की जीत का निर्णायक कारक माना जाता है।
यदि 9 अप्रैल को न्यायालय का फैसला तुशारा के पक्ष में आता है, तो वह आरसीबी टीम में तेजी से शामिल होंगे, जिससे टीम का मनोबल बढ़ेगा। हालांकि, यदि ऐसा नहीं होता है, तो आरसीबी को जल्द ही एक सफल विदेशी विकल्प की तलाश शुरू करनी होगी ताकि सीजन को एक शानदार जीत के साथ समाप्त किया जा सके।