डफर का टीज़र पोस्टर जारी – उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट की शांत घाटियों में हाल ही में कुछ ऐसा हुआ जिसने बॉलीवुड जगत में हलचल मचा दी है। आगामी हिंदी फिल्म डफर का टीज़र पोस्टर जारी किया गया – लेकिन यह कोई साधारण लॉन्च नहीं था। फिल्म निर्माताओं ने इसे एक “डेस्टिनेशन प्रेस कॉन्फ्रेंस” के रूप में प्रस्तुत किया, जो फिल्म की तरह ही अपरंपरागत और अनूठा आयोजन था।
‘जॉनर एनार्की’ – यह नई अवधारणा क्या है?
इस फिल्म के साथ, निर्माताओं ने एक नया शब्द पेश किया है: “जॉनर एनार्की”। सरल शब्दों में कहें तो, आप डफर को किसी एक श्रेणी (जैसे कि केवल कॉमेडी या केवल थ्रिलर) में नहीं रख सकते। कहानी दर्शकों को अपने हिसाब से सोचने और समझने की पूरी आजादी देती है।
पोस्टर से चेहरा क्यों गायब है?
फिल्म के निर्देशक नकुल देव (अपनी जटिल कहानी कहने की शैली के लिए जाने जाने वाले पुरस्कार विजेता) ने पोस्टर में रहस्य का गहरा एहसास भर दिया है। पोस्टर में नायक का चेहरा छिपा हुआ है। यह कोई चूक नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है ताकि दर्शक तुरंत जवाब खोजने के बजाय फिल्म के रहस्यों में खो जाएं।

शीर्षक ‘डफर’ के पीछे की कहानी
एलिफेंटा फिल्म्स के डॉ. कोमल वर्मा द्वारा निर्मित इस फिल्म का शीर्षक डफर रखना एक साहसिक कदम माना जा रहा है। फिल्म निर्माताओं का मानना है कि शीर्षक का जिक्र मात्र ही लोगों के मन में अनेक प्रश्न और विचार उत्पन्न करेगा, जो फिल्म के लिए एक बेहतरीन “चर्चा की शुरुआत” का काम करेगा। एलिफेंटा फिल्म्स यहीं नहीं रुक रही! उनके पास फिलहाल पांच और बड़ी परियोजनाएं हैं – लघु और दीर्घ दोनों प्रारूपों में – जो तैयार हैं और उनकी पाइपलाइन में हैं। ।
आपको क्या जानना चाहिए?
फिल्म की कहानी और रचनात्मक निर्देशन सुमन और दिव्या की जोड़ी ने किया है, जो दृश्यात्मक कहानी कहने की कला में माहिर हैं। जिम कॉर्बेट हॉल में पोस्टर का अनावरण एक प्रतीकात्मक संकेत था। जिस तरह जंगल में बाघ को देखना एक दुर्लभ घटना है, फिल्म निर्माताओं का दावा है कि इस फिल्म के दृश्य भी उतने ही अनोखे और दुर्लभ होंगे। ‘डफर’ सिर्फ हिंदी तक ही सीमित नहीं रहेगी; बल्कि इसे अखिल भारतीय दर्शकों तक पहुंचाने के लिए कई भाषाओं में डब करने की योजना पर काम चल रहा है।