अप्रैल में एलपीजी की कीमतें: ईरान युद्ध के चलते देशव्यापी लॉकडाउन की अफवाहों पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दृढ़ता से कहा कि देशव्यापी लॉकडाउन को लेकर कोई भी अटकलें पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है और जनता को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सरकार स्थिति पर नजर रख रही है, लेकिन फिलहाल देशव्यापी लॉकडाउन की कोई योजना नहीं है।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत में लॉकडाउन की कोई मंशा नहीं है और ये अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि ऐसी अफवाहें फैलाना गैरजिम्मेदाराना है और इससे जनता में अनावश्यक भय पैदा होता है। सरकार स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है और किसी भी घटनाक्रम से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद देश में ईंधन या आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास पर्याप्त तेल और गैस भंडार हैं और अगले 60 दिनों के लिए आपूर्ति सुनिश्चित कर ली गई है। इसके अतिरिक्त, भारत अब 41 से अधिक देशों से कच्चे तेल का आयात करता है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी व्यवधान का प्रभाव काफी हद तक कम हो गया है।
तेल कंपनियों ने भी अपनी तैयारियां बढ़ा दी हैं। पेट्रोल पंप मालिकों को पहले से अधिक ऋण दिया जा रहा है ताकि किसी भी परिस्थिति में पेट्रोल और डीजल की कमी न हो। सरकार का कहना है कि भारत पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यातक भी है, इसलिए फिलहाल “राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल” की कोई आवश्यकता नहीं है।
क्या भारत में लॉकडाउन होने वाला है?
नहीं, केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि देशव्यापी लॉकडाउन लागू करने की कोई योजना नहीं है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे अफवाह बताकर खारिज कर दिया है और लोगों से ऐसी खबरों पर ध्यान न देने का आग्रह किया है।
इसी तरह, 1 अप्रैल 2024 को सिलेंडर की कीमत में 31 रुपये की कमी की गई। दिल्ली में व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत 1 अप्रैल 2024 को घटकर 1,765 रुपये हो गई। अप्रैल 2023 में भी व्यावसायिक सिलेंडर उपभोक्ताओं को राहत मिली, जब दिल्ली में कीमत 92 रुपये घटकर 2,028 रुपये हो गई। 1 मार्च 2023 को दिल्ली में इस सिलेंडर की कीमत 2,119.50 रुपये थी।
क्या 1 अप्रैल 2026 को राहत मिलेगी या आपदा आएगी?
मौजूदा हालात को देखते हुए इस बार राहत की उम्मीद कम ही है। ईरान-इजराइल युद्ध के कारण कच्चे तेल और गैस की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। दुनिया भर के कई देशों में ईंधन की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं। इसलिए, अगर 1 अप्रैल 2026 को एलपीजी उपभोक्ताओं को झटका लगता है तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी। हालांकि, मौजूदा रुझान को देखते हुए एलपीजी की कीमतें बढ़ने के कगार पर हैं।