आरजीएचएस योजना: 50 लाख लाभार्थियों और पेंशनभोगियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है, जानिए क्यों?

Saroj kanwar
3 Min Read

राजस्थान सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) एक बार फिर चुनौतियों का सामना कर रही है। अस्पतालों और दवा विक्रेताओं ने 25 मार्च से बाह्य रोगी विभागों में कैशलेस दवा वितरण को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

इस स्थिति से पेंशनभोगियों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त मरीजों सहित लगभग 50 लाख लाभार्थियों के सीधे प्रभावित होने की आशंका है। राजस्थान अस्पताल संघ गठबंधन (आरएएचए) की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पतालों और दवा विक्रेताओं को करोड़ों रुपये का भुगतान पिछले आठ से नौ महीनों से बकाया है। इसके परिणामस्वरूप, दवा आपूर्तिकर्ताओं ने उधार दवा देना बंद कर दिया है, जिससे कैशलेस सेवा को बनाए रखना और भी मुश्किल हो गया है।
सरकार और प्रशासन के बीच समन्वय की समस्याएँ
सूत्रों से संकेत मिलता है कि भुगतान के संबंध में चिकित्सा और वित्त विभागों के बीच समन्वय की गंभीर कमी रही है। अस्पताल संचालकों का दावा है कि अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे हैं और योजना पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। RAHA ने बकाया भुगतानों को तत्काल जारी करने और कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए एक समयबद्ध प्रणाली स्थापित करने की मांग की है।

अस्पतालों की चेतावनी
राजस्थान अस्पताल संघ गठबंधन (RAHA), जिसमें RGHS योजना से जुड़े अस्पताल और फार्मेसी संगठन शामिल हैं, ने दावा किया है कि उनके भुगतान आठ से नौ महीने से विलंबित हैं। परिणामस्वरूप, उन्होंने चेतावनी दी है कि जयपुर में इस योजना के तहत ओपीडी फार्मेसियों में कैशलेस दवा सेवाएं 25 मार्च से अस्थायी रूप से निलंबित की जा सकती हैं।
कौन प्रभावित होगा?
इस निर्णय से मुख्य रूप से वे मरीज प्रभावित होंगे जो नियमित दवाओं पर निर्भर हैं। विशेष रूप से पेंशनभोगी, जिन्हें इस योजना के तहत मुफ्त या बिना भुगतान वाली दवाएं मिलती हैं, उन्हें सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। दवा सेवाओं के निलंबन के कारण, उन्हें अपनी जेब से खर्च करना पड़ सकता है।

क्या यह कदम मजबूरी में उठाया गया था?
राहा ने स्पष्ट किया कि यह कदम विरोध नहीं, बल्कि मजबूरी में उठाया गया था। उन्होंने कहा कि बार-बार मांग करने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया था। इससे अस्पतालों और दवाखानों पर वित्तीय दबाव बढ़ता जा रहा था।
सरकार से यह मांग की गई थी।
संगठन ने राज्य सरकार से लंबित भुगतानों में तेजी लाने और समयबद्ध भुगतान प्रणाली लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने तर्क दिया कि समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने से योजना का सुचारू रूप से पुन: संचालन और रोगी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।-x

TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *