New Railway Line : लोगों को बड़ी सौगात, 380KM की नई रेलवे लाइन को मंजूरी, इन जिलाें को होगा लाभ

Saroj kanwar
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New Railway Line : रेल मंत्रालय ने एक नई 380 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों को जोड़ेगी। नई लाइन से लोगों को सीधी ट्रेन सुविधा मिलेगी और औद्योगिक, खनिज एवं पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे इन जिलों को आर्थिक लाभ होगा-

HR Breaking News, Digital Desk- (Indian Railway) नीमच-नंदुरबार नई रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। यह परियोजना नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-नंदुरबार (करीब 380 किमी) मार्ग पर बनाई जाएगी, जिसे हाल ही में रेल मंत्रालय द्वारा मंजूरी दी गई है।

यह रेल परियोजना राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी। 2025 में घोषित इस महत्वपूर्ण योजना का उद्देश्य बांसवाड़ा (राजस्थान) को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ना और दिल्ली-मुंबई के बीच एक नया, छोटा मार्ग तैयार करना है।

इससे क्षेत्र में औद्योगिक और पर्यटन विकास को मजबूती मिलेगी। नीमच-नंदुरबार रेल लाइन परियोजना (Neemuch-Nandurbar Rail Line Project) पूरी होने के बाद नीमच से प्रतापगढ़ (राजस्थान), कुशलगढ़, बांसवाड़ा, दाहोद (गुजरात), अलीराजपुर, कुक्षी, बड़वानी, शाहदा और नंदुरबार तक सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध होगी।

इस प्रोजेक्ट के माध्यम से बांसवाड़ा को पहली बार रेल मानचित्र पर लाया जा रहा है। यह नया मार्ग दिल्ली-मुंबई के बीच ताप्ती सेक्शन (दाहोद के माध्यम से) को जोड़ने वाला छोटा मार्ग भी होगा।

खनिजों के ढुलाई में तेजी-

मैंगनीज, डोलोमाइट, चूना पत्थर, सोना, तांबा, और क्वार्टजाइट जैसे खनिजों के परिवहन में वृद्धि होगी। आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन, कृषि और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

2025 में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को स्वीकृति मिल चुकी है। यह परियोजना आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी और वागड़ क्षेत्र की दशकों पुरानी मांग को पूरा करेगी।

फाइनल सर्वे की मंजूरी मिली-

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (Railway Minister Ashwini Vaishnav) ने नीमच-बांसवाड़ा-दाहोद-नंदुरबार नई लाइन की फाइनल सर्वेक्षण के लिए विस्तृत डीपीआर तैयार करने की स्वीकृति दे दी है। इससे मध्यप्रदेश, राजस्थान (rajasthan) और गुजरात के छह शहरों को लाभ होगा।

बांसवाड़ा जिला पहाड़ी और खनिज संपदा से समृद्ध है, लेकिन अभी तक यह भारतीय रेल नेटवर्क (Indian Railway Network) से जुड़ा नहीं है। इस इलाके में मैंगनीज अयस्क, डोलोमाइट, चूना पत्थर, सोना, तांबा और क्वार्ट्ज जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में मौजूद हैं, जिससे माल ढुलाई की संभावना काफी बढ़ जाती है। वहीं, दाहोद-अलीराजपुर-नंदुरबार मार्ग भी पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों से होकर गुजरता है।

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