नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच सुलह की कोई उम्मीद नज़र नहीं आ रही है। आसमान में दूर-दूर तक गोला-बारूद और धुएं की गंध फैली हुई है। ईरान भी अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब दे रहा है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। एक बार फिर अमेरिका ने एक बड़ा दावा किया है।
बुधवार को अमेरिका ने दावा किया कि उसने मंगलवार को ईरान के एक दर्जन से अधिक बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया। वहीं दूसरी ओर, ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इस क्षेत्र से तेल निर्यात रोक देगा और अपने दुश्मनों तक एक लीटर भी तेल नहीं पहुंचने देगा।
क्या अमेरिका ने 16 जहाजों को नष्ट किया?
अमेरिकी सेना ने एक साहसिक दावा करते हुए कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के 16 बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जिससे दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर कहा है कि अभी तक ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है कि ईरान ने इस जलमार्ग में विस्फोटक बिछाए हैं। अमेरिकी सेना ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए हैं जिनमें दावा किया गया है कि उन्होंने इन जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिन्हें अभी-अभी सार्वजनिक किया गया है। यह कदम ट्रम्प की उस चेतावनी के बाद उठाया गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान इस जलमार्ग में बिछाई गई किसी भी खदान को तुरंत नहीं हटाता है, तो अमेरिका अभूतपूर्व हमला करेगा।
ये हमले कितने दिनों से जारी हैं?
जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध पिछले 11 दिनों से जारी है। दोनों तरफ से हमले हो रहे हैं। अमेरिका और इज़राइल के बड़े हमलों और धमकियों के बावजूद ईरान आत्मसमर्पण करने को तैयार नहीं है।
पेंटागन ने यह भी बताया है कि इस संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों में कई लोग घायल हुए हैं। इस युद्ध का असर पूरे मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों में महसूस किया जा रहा है। ईरान के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे किसी भी तरह की बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं।