कन्या सुमंगला योजना: केंद्र और राज्य सरकारें बेटियों की शिक्षा और भविष्य सुनिश्चित करने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। इनमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक है मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना। इस योजना का उद्देश्य परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना और बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक वित्तीय सहायता प्रदान करना है। जरूरतमंद परिवारों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए इस योजना में समय-समय पर कई बदलाव किए गए हैं। तो आइए अब समझते हैं कि कन्या सुमंगला योजना से किसे लाभ मिलता है और इस योजना के नियम और शर्तें क्या हैं।
कन्या सुमंगला योजना क्या है?
अक्टूबर 2019 में शुरू की गई यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल मानी जाती है। शुरुआत में, इस योजना के तहत कुल 15,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाती थी, जिसे वित्तीय वर्ष 2024-25 से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है। यह राशि एकमुश्त नहीं दी जाती, बल्कि बेटी के जन्म, टीकाकरण और शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण पड़ावों से जुड़ी छह अलग-अलग किस्तों में दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य लैंगिक भेदभाव को कम करना, बाल विवाह को रोकना, लड़कियों के स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देना और समाज में सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करना है।
किस चरण में कितनी राशि प्राप्त होती है?
कन्या सुमंगला योजना का वितरण छह चरणों में किया जाता है। पहले चरण में बालिका के जन्म पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। दूसरे चरण में एक वर्ष का टीकाकरण पूरा होने पर सहायता प्रदान की जाती है। तीसरे चरण में कक्षा 1 में प्रवेश पर धनराशि प्रदान की जाती है। चौथे चरण में कक्षा 6 में प्रवेश पर धनराशि प्रदान की जाती है।
पांचवें चरण में कक्षा 9 में प्रवेश पर सहायता प्रदान की जाती है। छठे चरण में कक्षा 12 उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक या दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश पर अंतिम किस्त प्रदान की जाती है। अंतिम राशि लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की जाती है।
इस योजना का लाभ किसे मिलता है?
कन्या सुमंगला योजना का लाभ केवल उत्तर प्रदेश में रहने वाले परिवारों की पुत्रियों को मिलता है। इस योजना के लिए पात्र होने के लिए, वार्षिक पारिवारिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, प्रति परिवार अधिकतम दो पुत्रियां इस योजना से लाभान्वित हो सकती हैं। साथ ही, इस योजना के लिए पात्र होने के लिए एक परिवार में कम से कम दो बच्चे होने चाहिए। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में, जैसे कि दूसरी डिलीवरी में जुड़वां बच्चे होने पर, तीसरी बालिका भी इस योजना से लाभान्वित हो सकती है।
आप इस योजना के लिए आवेदन कैसे कर सकते हैं?
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर स्थित नागरिक सेवा पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण किया जा सकता है। पंजीकरण के दौरान, आपको अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी, और ओटीपी सत्यापन के बाद आपको एक यूजर आईडी प्राप्त होगी। आप लॉग इन करके अपने बच्चे का पंजीकरण कर सकते हैं और संबंधित दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।