साइको सैयां वेब सीरीज़ समीक्षा – क्या होता है जब एक मासूम सी दिखने वाली “काव्यमय प्रेम कहानी” रातोंरात एक भयानक जुनून में बदल जाती है? अमेज़न एमएक्स प्लेयर की नई सीरीज़, “साइको सैयां”, इसी नाजुक मोड़ पर टिकी है। तेजस्वी प्रकाश, अनुद सिंह ढाका और रवि किशन अभिनीत यह रोमांटिक-थ्रिलर उज्जैन की गलियों से शुरू होती है और आपको उस मोड़ पर ले जाती है जहाँ प्यार और पागलपन के बीच का अंतर धुंधला हो जाता है।
कहानी: “पूजा” से “मुसीबतों” तक
कहानी उज्जैन के एक सीधे-सादे, कविता प्रेमी लड़के कार्तिक पांडे (अनुद सिंह ढाका) के इर्द-गिर्द घूमती है। उसे चारुलता (तेजस्वी प्रकाश) से पहली नज़र में प्यार हो जाता है। कार्तिक के लिए यह कोई साधारण प्रेम प्रसंग नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक जुड़ाव है। लेकिन जल्द ही, यह “प्रेम-समर्पण” एक खतरनाक बंधन में बदलने लगता है।
चारू का पीछा करते हुए कार्तिक मध्य प्रदेश के कटनी पहुँचता है। यहाँ उसकी मुलाकात हंट्री चौहान (रवि किशन) से होती है—एक खूंखार गैंगस्टर-राजनेता जो पूरे इलाके में दहशत फैलाता है। क्या कार्तिक का उस ‘पागल’ के लिए प्यार उसे बर्बाद कर देगा, या वह अपना लक्ष्य हासिल कर लेगा? यही इस सीरीज का सार है।
अभिनय: रवि किशन और तेजस्वी का दबदबा
रवि किशन: हंट्री चौहान के किरदार में रवि किशन ने कमाल कर दिया है। उनकी आँखों में खौफ और चेहरे पर गरिमा, एक सच्चे खलनायक के गुण हैं। जब भी वे स्क्रीन पर आते हैं, सीरीज का स्तर बढ़ जाता है।
तेजस्वी प्रकाश: ओटीटी पर डेब्यू कर रही तेजस्वी ने चारू के किरदार में जान डाल दी है। वह जितनी मासूम हैं, उतनी ही रहस्यमयी भी। उनके अभिनय में एक गहराई है जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है।
अनुद सिंह ढाका: एक जुनूनी प्रेमी के रूप में अनुद ने शानदार अभिनय किया है। उन्होंने दिखाया है कि कैसे प्यार के नाम पर एक व्यक्ति अपना मानसिक संतुलन खोने लगता है।
सहायक कलाकार: सुरभि चंदना, अश्विनी कालसेकर और सृष्टि श्रीवास्तव ने छोटी लेकिन प्रभावशाली भूमिकाएँ निभाई हैं जो कहानी को मजबूती प्रदान करती हैं।
निर्देशन और संगीत: थोड़ा फिल्मी, थोड़ा रहस्यमय
निर्देशक अजय भुयान ने बॉलीवुड के पुराने रोमांटिक फॉर्मूले को थ्रिलर के ट्विस्ट के साथ पेश किया है। उज्जैन और कटनी के वास्तविक स्थानों ने कहानी में देसी रंग भर दिया है। शिवम-अनुज द्वारा गाया गया टाइटल ट्रैक श्रृंखला के माहौल को बखूबी दर्शाता है। हालांकि, कुछ संवाद थोड़े फिल्मी लगते हैं, जो कभी-कभी इस रहस्यमय थ्रिलर के माहौल को थोड़ा फीका कर देते हैं।