Home Loan Rules: एक EMI छूट गई तो क्या होगा? जानें Home Loan नियमों की पूरी जानकारी

Saroj kanwar
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Home Loan Rules: आज के समय ज्यादातर लोग EMI पर चीजो की खरीदारी करने लगे हैं। ऐसे में अगर आपके मन में ये सवाल उठ रहा है कि अगर होम लोन की एक EMI मिस हो जाती है तो क्या होता है? क्या बैंक के द्वारा डिफॉल्टर घोषित कर दिया जाता है, या फिर सिबिल स्कोर पर असर पड़ता है। इन सभी सवालों के जवाब को पाने से पहले ही लोगों का दिमाग चकरा जाता है। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

सबसे पहले एक बात साफ हो जाती है कि एक ईएमआई छूट जानें पर दुनिया खत्म नहीं हो जाती है। अक्सर ऐसा लापरवाही से नहीं होता है। बल्कि अचानक आई किसी परेशानी की वजह से होता है। जैसे किसी मेडिकल इमरजेंसी या सैलरी का लेट हो जाना आदि तरह के खर्च आने पर होता है।
EMI डेट निकलते ही क्या होता है?

जैसे ही आपकी EMI की तय तारीख निकलती है, बैंक का सिस्टम आपके अकाउंट को ‘ओवरड्यू’ के तौर पर दर्ज कर लेता है। शुरुआत में आपको ऑटोमेटेड मैसेज और ईमेल मिलेंगे। उसके बाद बैंक की कलेक्शन टीम का कॉल आ सकता है। वहीं बैंक लेट पेमेंट फीस या पेनल इंटरेस्ट चार्ज करता है। ये रकम बहुत बड़ी नहीं होती, लेकिन देरी जितनी बढ़ेगी, चार्ज भी उतना बढ़ता जाएगा। सबसे जरूरी बात—बैंक के कॉल्स को नजरअंदाज न करें। साफ-साफ बताएं कि देरी क्यों हुई और आप कब तक भुगतान कर देंगे।

क्या तुरंत CIBIL स्कोर गिरता है?

अक्सर लोग मान लेते हैं कि एक दिन की देरी से भी क्रेडिट स्कोर खराब हो जाएगा। हकीकत थोड़ी अलग है। आमतौर पर बैंक तब तक क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट नहीं करते, जब तक देरी 30 दिन से ज्यादा न हो जाए। अगर आप महीने के अंदर ही बकाया चुका देते हैं, तो ज़्यादातर मामलों में स्कोर पर बड़ा असर नहीं पड़ता। लेकिन अगर यह आदत बन जाए, तो समझ लीजिए कि आपका स्कोर तेजी से गिर सकता है।

क्या बैंक घर पर कब्जा कर सकता है?

एक EMI मिस होने पर न तो कोई रिकवरी एजेंट आपके दरवाजे पर आता है और न ही तुरंत कानूनी नोटिस मिलता है। नियमों के मुताबिक, होम लोन तब NPA घोषित होता है जब लगातार 90 दिनों तक भुगतान न हो। घर कब्जे जैसी कार्रवाई कई महीनों की लगातार चूक और औपचारिक नोटिसों के बाद ही होती है। एक बार की देरी से लोन की शर्तें या ब्याज दर नहीं बदलती।

EMI मिस होने पर क्या करें?

सबसे पहले घबराएं नहीं। बैंक को खुद फोन करें और स्थिति बताएं। अगर समस्या तकनीकी थी जैसे ऑटो-डेबिट फेल, तो उसे तुरंत ठीक कराएं। अगर वित्तीय दिक्कत है, तो जल्द से जल्द रकम का इंतजाम कर पेनल्टी के साथ भुगतान करें। बता दें एक EMI मिस होना कोई बड़ी समस्या नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है। समय रहते सुधार कर लिया जाए तो नुकसान सीमित रहता है। बैंक भी आपकी परिस्थिति समझते हैं, बस जरूरी है कि आप इसे बनाए रखें।

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