भारत सरकार ने गैस सब्सिडी और अन्य सरकारी लाभों को जारी रखने के लिए आधार लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। आधार-एलपीजी लिंकिंग का मुख्य उद्देश्य फर्जी कनेक्शनों को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी की धनराशि सही लाभार्थियों तक पहुंचे। यदि आपने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो चिंता न करें।
यह प्रक्रिया बेहद सरल है और इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से पूरा किया जा सकता है। इस विस्तृत लेख में, हम आपको फॉर्म 1 और फॉर्म 2 भरने से लेकर जमा करने तक के सभी चरणों के बारे में बताएंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि आपकी सब्सिडी बिना किसी रुकावट के आपके खाते में आती रहे।
आधार-गैस लिंकिंग के लिए आवश्यक फॉर्म
अपने आधार को गैस कनेक्शन से लिंक करने के लिए आपको दो विशेष फॉर्म भरने होंगे। इन फॉर्मों के बिना आपकी लिंकिंग प्रक्रिया अधूरी मानी जाएगी।
फॉर्म 1 (बैंक खाता लिंकिंग)
यह फॉर्म विशेष रूप से उन ग्राहकों के लिए है जो अपने बैंक खातों को आधार से लिंक करना चाहते हैं ताकि उन्हें डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBTL) के माध्यम से सब्सिडी राशि प्राप्त हो सके।
फॉर्म 2 (एलपीजी लिंकिंग)
इस फॉर्म का उपयोग आपके आधार नंबर को आपके एलपीजी उपभोक्ता आईडी या गैस कनेक्शन नंबर से जोड़ने के लिए किया जाता है।
आप ये दोनों फॉर्म अपनी गैस कंपनी (इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस) की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं या सीधे अपने नजदीकी गैस वितरक कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।
फॉर्म डाउनलोड करने का तरीका
ध्यान रखें कि आधार-एलपीजी लिंकिंग पूरी तरह से डिजिटल नहीं है; ऑनलाइन डाउनलोड करने के बाद आपको फॉर्म भौतिक रूप से जमा करने होंगे। प्रक्रिया इस प्रकार है:
सबसे पहले, अपने गैस प्रदाता (इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
‘एलपीजी सेवाएं’ अनुभाग पर जाएं और ‘डीबीटीएल से जुड़ें’ या ‘फॉर्म डाउनलोड करें’ विकल्प चुनें।
यहां से ‘फॉर्म 1’ और ‘फॉर्म 2’ डाउनलोड करें और उन्हें प्रिंट करें।
फॉर्म 1 को ध्यानपूर्वक भरें, अपने बैंक खाते का विवरण दें और अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी के साथ इसे अपने बैंक या गैस एजेंसी में जमा करें।
फॉर्म 2 में अपना उपभोक्ता आईडी और आधार नंबर भरें। आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें और इसे अपने गैस वितरक को जमा करें।
सत्यापन पूरा होने पर, आपका आधार आपके गैस कनेक्शन से लिंक हो जाएगा।
ऑफलाइन और डाक द्वारा लिंकिंग
यदि आपके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तो आप पारंपरिक ऑफ़लाइन विधि या डाक का उपयोग कर सकते हैं:
ऑफ़लाइन विधि
सबसे पहले, अपने नज़दीकी एलपीजी वितरक के कार्यालय में जाकर फॉर्म 1 और फॉर्म 2 प्राप्त करें। फॉर्म 1 अपने बैंक में और फॉर्म 2 अपने गैस एजेंसी कार्यालय में अपने आधार कार्ड की एक प्रति के साथ जमा करें।
डाक द्वारा
ऑनलाइन पोर्टल से दोनों फॉर्म डाउनलोड करके प्रिंट करें। अपने बैंक खाते को आधार कार्ड से लिंक करने के लिए फॉर्म 1 अपने बैंक में जमा करें। बैंक लिंकिंग हो जाने के बाद, फॉर्म 2 भरें और इसे पंजीकृत डाक द्वारा अपने गैस वितरक के पते पर भेजें।