चने के भाव में मंदी का दोर जारी, कीमतों में भारी गिरावट, जाने चने के भाव के बारे में व्यापारियों की राए

Saroj kanwar
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चने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा। दिल्ली बाजार में चना 50 रुपए की गिरावट के साथ 6175 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। वहीं, इंदौर की छावनी अनाज मंडी में भी चना कांटा का भाव 100 रुपए कमजोर होकर 6150 से 6200 रुपए प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया।

व्यापारियों के मुताबिक चने की कीमतों में यह गिरावट कई कारणों से आई है। एक तरफ ऊंचे दामों पर खरीदारी में सुस्ती देखी जा रही है, वहीं दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया और तंजानिया से संभावित आयात को लेकर बाजार में चिंता का माहौल बना हुआ है। यही कारण है कि व्यापारी फिलहाल बड़े सौदों से बच रहे हैं और मंडी में दैनिक लेनदेन में भी ठहराव नजर आ रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अगले कुछ हफ्तों में आयात को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो बाजार में और कमजोरी देखने को मिल सकती है। खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया और तंजानिया से यदि चने की आवक शुरू होती है, तो घरेलू कीमतों पर और दबाव बढ़ेगा। इसका सीधा असर किसानों और स्थानीय व्यापारियों पर पड़ेगा।

हालांकि, बाजार में एक राय यह भी है कि चना स्टॉक की मौजूदा स्थिति बेहद सीमित है। प्रमुख उपज केंद्रों से नई आवक नहीं आ रही और पुराने स्टॉक पर ही लेनदेन हो रहा है। ऐसे में कुछ व्यापारी मानते हैं कि चने के भाव में अब ज्यादा गिरावट की गुंजाइश नहीं है। बाजार एक सीमित दायरे में ही रह सकता है। व्यापारियों का यह भी कहना है कि खरीदार फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपना रहे हैं। सभी की निगाह अब आगामी सरकारी नीतियों, आयात की स्थिति और घरेलू मांग पर टिकी हुई है।

आने वाले दिनों में अगर त्योहारी सीजन से पहले मांग में तेजी आती है तो कीमतों में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। स्थानीय मंडी के व्यापारी बताते हैं कि पिछले कुछ दिनों में चने की खरीदारी में काफी सुस्ती आई है।

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